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CITY AVENUE
ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर ऐसा तंज,इस्तीफे को दे दिया जातीय रंग! पूछ लिया इस सवाल का जवाब!

NEET परीक्षा विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति लगातार गर्म है। अब इस मुद्दे ने उत्तर प्रदेश की सियासत में भी नई बहस छेड़ दी है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए जातीय राजनीति का सवाल उठाया है। आखिर क्या कहा ओम प्रकाश राजभर ने और क्यों तेज हो गई राजनीतिक बयानबाज़ी? NEET परीक्षा विवाद के बाद देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर रहा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाता रहा।इसी राजनीतिक माहौल के बीच उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का एक बयान चर्चा में आ गया है।राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से सवाल पूछा। उन्होंने लिखा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान किसी दूसरी जाति से होते, तो क्या तब भी अखिलेश यादव उनके इस्तीफे की मांग करते?राजभर ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि इस सवाल का जवाब केवल राजनीतिक दलों को ही नहीं, बल्कि जनता को भी मिलना चाहिए। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरणों और विपक्ष की रणनीति को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी लगातार छात्रों के मुद्दों को उठाती रही है। पार्टी का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है। अखिलेश यादव सहित पार्टी के कई नेताओं ने NEET विवाद और छात्रों के आंदोलन को संसद से लेकर सड़क तक उठाया है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दे अब धीरे-धीरे चुनावी विमर्श का हिस्सा बनते जा रहे हैं। ऐसे में अलग-अलग दल इन मुद्दों को अपने-अपने राजनीतिक नजरिए से जनता के सामने रख रहे हैं।फिलहाल, ओम प्रकाश राजभर के बयान पर समाजवादी पार्टी की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।NEET विवाद से शुरू हुई बहस अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। एक तरफ छात्र और परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ नेताओं के बीच तीखी बयानबाज़ी भी जारी है।

लोकसभा में दहाड़े अखिलेश! बोले जो चढ़ावा नहीं बचा सके, वो पेपर लीक कैसे बचाएंगे ?

नई दिल्ली: लोकसभा में मंगलवार को पेपर लीक बिल पर चर्चा में सपा प्रमुख अखिलेश ने भी हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कहा कि ‘प्रधान जी को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया’. अखिलेश ने कहा कि बीजेपी सरकार वचन नहीं जुमले देती है. सपा प्रमुख ने साथ ही तंज कसते हुए कहा, जो चढ़ावा नहीं बचा सके, वो पेपर लीक कैसे बचाएंगे. लोकसभा में पेपर लीक विरोधी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कहा कि एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया। उन्होंने इसे नीट-यूजी 2026 विवाद और छात्र आंदोलन से जोड़ते हुए कई सवाल उठाए।अखिलेश यादव ने कहा कि वह शुरू से इस आंदोलन को देख रहे थे। उनके मुताबिक, आंदोलन के बाद एक नारा सबसे ज्यादा सुनाई दिया कि सरकार को लगता था वह कभी नहीं झुकेगी, लेकिन युवाओं ने साबित कर दिया कि झुकाने वाला चाहिए, सरकार भी झुकती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों की पहली बड़ी मांग स्वीकार करते हुए धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने अन्य मांगों पर भी सहमति बनाई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि उन आश्वासनों को संसद के सामने क्यों नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब धर्मेंद्र प्रधान मंत्री पद छोड़ने के बाद संसद पहुंचे तो उनका स्वागत हुआ, लेकिन इस फैसले से सदन के कई सदस्यों ने राहत की सांस ली होगी।

जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर एक्शन रुकते ही आया बसपा सुप्रीमो मायावती का बयान- ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक का फैसला उचित!

लखनऊ : बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की इमारतों के ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक का स्वागत किया है। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में बुलडोजर चलाने के बजाय संस्थानों को नियमित कराने की नीति अपनाने की मांग की है।बसपा प्रमुख ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, रामपुर में सपा नेता मोहम्मद आजम खान के पारिवारिक ट्रस्ट द्वारा स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय की 38 शिक्षण इमारतों को ध्वस्त करने की रामपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई पर अब रोक लगाने का फैसले का स्वागत है।मायावती ने कहा कि वैसे केवल जौहर विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में अगर अन्य और भी शिक्षण संस्थायें हैं जो अपने निर्माण आदि में सरकारी नियमों आदि का सही से अनुपालन नहीं कर पाये हैं, तो उन पर भी बुलडोजर चलाकर तोड़ने की सख़्ती करने के बजाय, सरकार को उन सबको सही व नियमित कराने के सम्बंध में ज़रूरी कार्रवाई करने की नीति अपनानी चाहिये, ताकि वहाँ शिक्षा हासिल करने वाले सभी छात्र-छात्राओं का जीवन किसी भी प्रकार से प्रभावित ना होने पाये। उम्मीद है कि सरकार बी.एस.पी. की इस जनहितैषी सलाह पर ज़रूर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

UP IPS Transfer: यूपी में 15 आईपीएस अफसरों का तबादला!

उत्तर प्रदेश शासन ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 15 IPS अफसरों के तबादले कर दिए हैं. इस फेरबदल में सबसे प्रमुख बदलाव राज्य की राजधानी में देखने को मिला है, जहां तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है.अब तक लखनऊ के पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे अमरेंद्र के. सेंगर को हटाकर पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना/इंटेलिजेंस) की जिम्मेदारी दी गई है, साथ ही उन्हें सुरक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है. बात सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं है, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े जोन भी इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल की चपेट में आए हैं.शासन द्वारा जारी तबादला सूची के अनुसार, तरुण गाबा, जो अब तक अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) के पद पर तैनात थे, अब लखनऊ पुलिस कमिश्नर का पद संभालेंगे. वहीं 1995 बैच के IPS अफसर अमरेंद्र के. सेंगर अब प्रदेश की खुफिया व्यवस्था और सुरक्षा की कमान संभालेंगे.वहीं प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में भी बड़ा बदलाव हुआ है. पीयूष मोर्डिया को वाराणसी जोन के एडीजी पद से हटाकर प्रयागराज का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है. दूसरी ओर, प्रयागराज के निवर्तमान कमिश्नर जोगेंद्र कुमार का तबादला पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (PTS), मुरादाबाद में आईजी पद पर किया गया है

Brutality Against 10 Year Old Child: श्रावस्ती में हैवानियत की हदें पार

Brutality Against 10 Year Old Child का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है जिसने पूरे उत्तर प्रदेश को दहला दिया है। श्रावस्ती जिले के भिनगा कोतवाली क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली एक अमानवीय घटना घटी है। दुकान से चोरी के मामूली शक में एक 10 साल के निर्दोष बालक के साथ ऐसी बर्बरता की गई जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए।

चोरी के शक में दुकान ले जाकर पीटा

दुकानदार ने मासूम पर चोरी का आरोप लगाया। पीड़ित बच्चे की मां के अनुसार, आरोपी अतहर (पुत्र अनवर) ने उसके बेटे पर चोरी का आरोप लगाया और जबरन उसे अपनी दुकान पर ले गया। आरोप है कि दुकान के अंदर मासूम के साथ न केवल मार-पीट और गाली-गलौज की गई, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।

Brutality Against 10 Year Old Child से सहमा परिवार

गुप्तांग में बल्ब डालकर दी गई यातना। हैवानियत की सीमा तब पार हो गई जब आरोपी ने बच्चे के गुप्तांग में बल्ब डालकर उसे गंभीर चोट पहुंचाई। Brutality Against 10 Year Old Child के इस वीभत्स कृत्य के बाद किसी तरह जान बचाकर दर्द से कराहता हुआ मासूम बच्चा अपने घर पहुंचा और बिलखते हुए परिजनों को पूरी आपबीती बताई।

पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी

भिनगा कोतवाली में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजन तुरंत बच्चे को लेकर कोतवाली भिनga पहुंचे और लिखित तहरीर दी। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ-साथ विधिक जांच शुरू कर दी है।

दोषियों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

कड़ी धाराओं और बाल संरक्षण कानून के तहत एक्शन। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Brutality Against 10 Year Old Child के इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जाएगी।

CM Yogi Land Mafia Action: गोरखनाथ मंदिर में अचानक हुआ बड़ा फैसला

CM Yogi Land Mafia Action के तहत गोरखपुर में सुबह-सुबह एक ऐसा फरमान जारी हुआ जिसने भूमाफियाओं और अवैध कब्जा करने वालों की नींद उड़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में दूसरे दिन भी जनता दर्शन का आयोजन किया। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर लगी कुर्चियों पर बैठे फरियादियों के बीच जब मुख्यमंत्री खुद पहुंचे तो माहौल बेहद गंभीर हो गया।

जनता दर्शन में गूंजी जमीन कब्जे की शिकायतें

अवैध कब्जेदारों पर सीधी गाज गिरने वाली है। जनता दर्शन के दौरान लगभग 150 पीड़ित अपनी-अपनी समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री के सामने उपस्थित हुए थे। जमीन पर अवैध कब्जे की लगातार मिलती शिकायतों को देखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख बेहद तल्ख हो गया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में बिल्कुल भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

CM Yogi Land Mafia Action से माफियाओं में हड़कंप

अफसरों को मिले एफआईआर दर्ज करने के सख्त आदेश। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए सीएम ने कहा कि जमीन कब्जाने वाले भूमाफियाओं पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए। CM Yogi Land Mafia Action के जरिए सरकार ने साफ संदेश दिया कि अपराध और अवैध कब्जे की शिकायतों का निस्तारण पूरी तरह निष्पक्ष और समयबद्ध सीमा में ही किया जाना अनिवार्य है।

इलाज के लिए सरकारी मदद का बड़ा ऐलान

गंभीर बीमारी से जूझ रहे पीड़ितों को मिली राहत। जनता दर्शन में पहुंचे गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए भी मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अस्पतालों के इस्टीमेट की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। सरकार ने भरोसा दिलाया कि जैसे ही इस्टीमेट तैयार होकर आएगा, तुरंत आर्थिक सहायता राशि जारी कर दी जाएगी।

मासूम बच्चों से प्यार और गोशाला में गोसेवा

कड़क मिजाज के बीच दिखा मुख्यमंत्री का स्नेही रूप। कड़े निर्देशों के बीच जनता दर्शन में आईं महिलाओं के छोटे बच्चों को देखकर सीएम योगी का रूप काफी सौम्य नजर आया। उन्होंने बच्चों को दुलारा, आशीर्वाद दिया और चॉकलेट भी बांटी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर की गोशाला में जाकर गोवंश को उनके नाम से पुकारा और अपने हाथों से गुड़ खिलाकर गोसेवा की।