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CITY AVENUE
Rahul Gandhi Real Life Batman Posters: दिल्ली में छाया नेता प्रतिपक्ष का नया अवतार

कांग्रेस मुख्यालय के बाहर लगे अनोखे पोस्टर

Rahul Gandhi Real Life Batman Posters की इस बड़ी खबर में राजधानी दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ और युवा कांग्रेस कार्यालय के बाहर जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों में राहुल गांधी को सुपरहीरो बैटमैन के रूप में दर्शाया गया है।

साइलेंट गार्डियन और वॉचफुल प्रोटेक्टर का टैग

Rahul Gandhi Real Life Batman Posters के ज़रिए राहुल गांधी की तस्वीर के साथ ‘द साइलेंट गार्डियन’ और ‘अ वॉचफुल प्रोटेक्टर’ जैसे कैप्शंस लिखे गए हैं। पोस्टर में स्पष्ट रूप से लिखा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ही असल जिंदगी के बैटमैन हैं।

इंस्टाग्राम सेशन के बाद वायरल हुआ ट्रेंड

Rahul Gandhi Real Life Batman Posters की यह होर्डिंग दरअसल राहुल गांधी के हालिया ‘Ask Me Anything’ इंस्टाग्राम सेशन के बाद सामने आई है। जब एक यूजर ने उनसे पूछा था कि ‘क्या आप बैटमैन हैं’, तो राहुल ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया था कि किसी ने भी उन्हें और बैटमैन को एक ही कमरे में साथ नहीं देखा है।

नागरिकता नियम 2026: 8 राज्यों में डीएम को मिला भारतीय नागरिकता देने का अधिकार

DM Citizenship Authority के तहत बड़ा बदलाव DM Citizenship Authority से जुड़े नए संशोधन की अधिसूचना के तहत केंद्र सरकार ने 8 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में नागरिकता देने की व्यवस्था को सीधा और प्रभावी बना दिया है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार गृह मंत्रालय ने नागरिकता (तीसरा संशोधन) नियम, 2026 जारी कर दिया है।

8 राज्यों में लागू हुई नई व्यवस्था DM Citizenship Authority के अधिकार गुजरात, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा (आदिवासी इलाकों को छोड़कर) के अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के जिलाधिकारियों (कलेक्टर/डिप्टी कमिश्नर) को सौंपे गए हैं। यह कदम नागरिकता आवेदनों के निपटारे में तेजी लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

अधिकार प्राप्त समितियों की जगह लेंगे कलेक्टर DM Citizenship Authority के तहत अब संबंधित जिलों के जिलाधिकारी पहले से काम कर रही ‘एमपावर्ड कमेटियों’ और ‘जिला स्तरीय कमेटियों’ का स्थान लेंगे। वर्तमान में लंबित सभी आवेदनों को तुरंत संबंधित जिलाधिकारियों के पास ट्रांसफर करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

व्यक्तिगत उपस्थिति की शर्त हुई सख्त DM Citizenship Authority के नए प्रावधानों में आवेदकों की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है। यदि कोई आवेदक उचित अवसर मिलने के बावजूद खुद उपस्थित होकर आवेदन पर हस्ताक्षर करने और निष्ठा की शपथ लेने में विफल रहता है, तो उसका आवेदन खारिज कर दिया जाएगा।

सज्जन कुमार की मौत पर 1984 दंगा पीड़िता का छलका दर्द: ‘फांसी होती तो मिलती शांति’

तेज प्रताप यादव ने बदला सियासी माहौल तेज प्रताप यादव ने अपने नए बयान से बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। लालू परिवार के भीतर चल रही खींचतान की चर्चाओं के बीच, उन्होंने तेजस्वी यादव के ‘लोक भवन मार्च’ का समर्थन करके एक बड़ा सियासी संदेश दिया है।

लालू परिवार में एकजुटता का नया संकेत तेज प्रताप यादव का यह कदम परिवार के भीतर फिर से एकजुटता को दर्शाता है। पहले रोहिणी आचार्य द्वारा तेजस्वी का बचाव करने और अब तेज प्रताप के समर्थन में आने के बाद, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि लालू परिवार फिर से एक साथ मजबूती से खड़ा हो रहा है।

छात्रों के मुद्दों पर आक्रामक रुख तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया कि सीवान में छात्रों पर हुई फायरिंग और पेपर लीक जैसे अहम मुद्दों पर वे तेजस्वी यादव और आरजेडी के आंदोलन के साथ हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों के हक की यह लड़ाई जारी रहेगी।

राजनीतिक प्रभाव और आगे की राह तेज प्रताप के इस समर्थन ने एनडीए (NDA) सरकार को घेरने की आरजेडी (RJD) की रणनीति को और मजबूत कर दिया है। देखना होगा कि लालू परिवार की यह एकजुटता बिहार के राजनीतिक और चुनावी माहौल पर क्या प्रभाव डालती है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: फांसी से ही दी जाएगी मृत्युदंड की सजा, याचिका खारिज

Supreme Court Death Penalty Hanging को रद्द करने और सजा-ए-मौत के लिए नए विकल्प अपनाने की मांग वाली याचिका पर सर्वोच्च अदालत ने अपना बड़ा फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की जगह जहरीले इंजेक्शन या अन्य दर्द रहित तरीकों से मृत्युदंड देने की याचिका को खारिज कर दिया है।

जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ का फैसला: Supreme Court Death Penalty Hanging से जुड़े इस मामले पर जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई करते हुए यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ किया कि वह विधायिका को सजा देने का तरीका बदलने का निर्देश नहीं दे सकता।

2017 में दाखिल हुई थी जनहित याचिका: पुराने तरीके पर उठाए गए थे सवाल: वरिष्ठ अधिवक्ता ऋषि मल्होत्रा द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि फांसी पर लटकाने से कैदी को अत्यधिक दर्द और पीड़ा सहनी पड़ती है। याचिका में मांग की गई थी कि फांसी के स्थान पर जहरीला इंजेक्शन, शूटिंग या गैस चैंबर जैसे आधुनिक तरीके अपनाए जाने चाहिए।

केंद्र सरकार समीक्षा करने के लिए स्वतंत्र: सुप्रीम कोर्ट ने दी छूट: अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिका खारिज होने के बावजूद केंद्र सरकार चाहे तो विशेषज्ञों की समिति बनाकर मौत की सजा के वैकल्पिक तरीकों पर विचार और समीक्षा कर सकती है, ताकि मानवीय गरिमा का ध्यान रखा जा सके।

दिल्ली के लाल किले के पास आतंकी हमले में था अल-कायदा का हाथ, UN की रिपोर्ट में खुलासा

Red Fort Blast का संबंध AQIS से होने का UN रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ताजा रिपोर्ट के अनुसार नवंबर 2025 में हुए Red Fort Blast के तार अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े होने की बात सामने आई है।

विकेंद्रीकृत नेटवर्क की चेतावनी यूएन की प्रतिबंध समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह आतंकी संगठन अब एक बिखरे हुए समूह से बदलकर एक खतरनाक विकेंद्रीकृत नेटवर्क के रूप में काम कर रहा है।

अफगानिस्तान से संचालित गतिविधियां रिपोर्ट में चिंता जताई गई है कि इस संगठन के आतंकी काबुल में अफगानी पहचान-पत्रों का इस्तेमाल करते हुए अपनी गतिविधियों को अंजाम देने में लगे हुए हैं।

डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि आतंकी समूह अपनी फंडिंग और पैसों के लेन-देन के लिए लगातार डिजिटल करेंसी और क्रिप्टोकरेंसी का सहारा ले रहे हैं।

एनआईए की गहन जांच भारतीय जांच एजेंसी एनआईए Red Fort Blast मामले की जांच एक बड़े आतंकी नेटवर्क और कट्टरपंथी पेशेवरों से जुड़े होने के दृष्टिकोण से तेजी से कर रही है।

‘कारवां’ मैगजीन की बढ़ी मुश्किलें: बीफ कारोबार से जोड़ने वाले लेख पर निखिल गडकरी की कंपनी ने ठोका 10 करोड़ का दावा

Nikhil Gadkari Caravan Defamation Suit मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘द कारवां’ मैगजीन के संपादक और पत्रकार को 10 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे में जवाब दाखिल करने का नोटिस जारी किया है।

बीफ कारोबार से जोड़ने पर मुकदमा: Nikhil Gadkari Caravan Defamation Suit याचिका केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बेटे निखिल गडकरी की कंपनी CIAN एग्रो द्वारा दाखिल की गई है। याचिका में मैगजीन में छपे एक लेख को झूठा और मानहानिकारक बताते हुए हटाने की मांग की गई है।

कोर्ट ने जारी किया समन: Nikhil Gadkari Caravan Defamation Suit सुनवाई के दौरान जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने मैगजीन के संपादक पावेश नाथ और पत्रकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। कंपनी का दावा है कि उनका बीफ व्यापार से कोई लेना-देना नहीं है।

मानहानिकारक लेख हटाने की मांग: Nikhil Gadkari Caravan Defamation Suit में निखिल गडकरी ने अंतरिम रोक की मांग की है ताकि इस लेख को आगे साझा करने या प्रकाशित करने से रोका जा सके।

विधानसभा के बाहर छात्र, अंदर विपक्ष: JPSC मुद्दे पर आज सरकार को घेरेगा विपक्ष, जानिए मानसून सत्र का पूरा हाल

Jharkhand Assembly Monsoon Session का आज का दिन बेहद हंगामेदार रहा जहां जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में हुई कथित धांधली ने सदन की कार्यवाही को ठप करने की कगार पर खड़ा कर दिया है। छात्रों के विधानसभा घेराव और विपक्ष के कड़े तेवर ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

विधानसभा परिसर बना एक रणक्षेत्र क्योंकि छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी है। सुरक्षा के भारी इंतजाम के बीच हर कोई यही जानना चाहता है कि क्या जेपीएससी और जेएसएससी के मुद्दे पर कोई ठोस हल निकलेगा या गतिरोध जारी रहेगा।

सदन में बजट और विरोध का दौर जारी है जहां वित्त मंत्री द्वारा अनुपूरक बजट पेश किए जाने के बावजूद मुख्य मुद्दा युवाओं का भविष्य बना हुआ है। विपक्षी दल लगातार सरकार को घेर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ किया गया है।

सियासी तापमान है चरम पर और आने वाले समय में यह सत्र राज्य की राजनीति की दशा और दिशा तय करेगा। सरकार के सामने न केवल बजट पास करवाने की चुनौती है बल्कि विपक्षी हमलों और सड़कों पर उतर आए छात्रों के सवालों का जवाब देना भी एक कठिन परीक्षा है।

Yamuna Water Level: दिल्ली में यमुना खतरे के निशान के पार, हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

Delhi Yamuna Water Level में अचानक आई भयंकर तेजी ने राजधानी दिल्ली में जलप्रलय का भयानक खतरा फिर से महसूस करा दिया है। हरियाणा के हथनीकुंड बैराज से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी का बहाव अत्यंत उग्र और डरावना होता जा रहा है।

Image Caption: दिल्ली में लोहा पुल के पास बढ़ता यमुना नदी का जलस्तर।

लोहा पुल के पास डरावनी स्थिति: Delhi Yamuna Water Level शनिवार की रात पुराना लोहा पुल के पास 204.09 मीटर के आंकड़े तक पहुंच गया। शुक्रवार को नदी का स्तर 203.05 मीटर दर्ज किया गया था, जिसका अर्थ है कि बीते 24 घंटों में जलस्तर में लगभग एक मीटर की बड़ी उछाल दर्ज की गई है।

हथनीकुंड बैराज से पानी का भारी रिसाव: Delhi Yamuna Water Level में इस वृद्धि की मुख्य वजह बृहस्पतिवार और शुक्रवार को हथनीकुंड से छोड़ा गया अत्यधिक पानी है। बृहस्पतिवार को 20 हजार से 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो शुक्रवार दोपहर बढ़कर 43 हजार क्यूसेक के स्तर तक पहुंच गया था।

चेतावनी और खतरे के निशान से दूरी: Delhi Yamuna Water Level अभी चेतावनी के निशान 204.5 मीटर से थोड़ा नीचे है, जबकि 205.33 मीटर खतरे का निशान माना जाता है। शनिवार को हथनीकुंड से पानी का डिस्चार्ज घटकर 13 हजार क्यूसेक रहने से प्रशासन और तटीय इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है।

Sawan Kanwar Yatra Route Diversion: दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर आज से 6 दिनों के लिए बदला रास्ता, जानें पूरा ट्रैफिक प्लान

सड़कों पर उमड़ेगा शिवभक्तों का सैलाब

Sawan Kanwar Yatra Route Diversion की घोषणा होते ही दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया है। पवित्र सावन माह के दूसरे सोमवार और शिवरात्रि पर्व को देखते हुए अमरोहा और हापुड़ पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत हाईवे पर गुरुवार से मंगलवार तक 6 दिनों का व्यापक रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है।

Sawan Kanwar Yatra Route Diversion की पूरी जानकारी

भारी वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने बड़े और भारी वाहनों के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। Sawan Kanwar Yatra Route Diversion प्लान के तहत हल्के चारपहिया वाहनों को वनवे ट्रैफिक व्यवस्था के माध्यम से नियंत्रित कर निकाला जाएगा, ताकि किसी दुर्घटना की संभावना न रहे।

रविवार से हाईवे पर लागू होगा जीरो ट्रैफिक

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रणनीति तैयार की है। Sawan Kanwar Yatra Route Diversion नियम के अनुसार रविवार शाम से मंगलवार दोपहर तक दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर जीरो ट्रैफिक घोषित रहेगा, जहां दोनों पटरियों पर केवल और केवल कांवड़ियों की आवाजाही की अनुमति होगी।

लापरवाही बरतने पर पुलिस अधिकारियों को चेतावनी

अमरोहा और हापुड़ जिले के उच्च पुलिस अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक में यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। Sawan Kanwar Yatra Route Diversion के दौरान ड्यूटी में ढिलाई या लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी जारी की गई है।

बरेली और दिल्ली जाने वाले वैकल्पिक मार्ग चुनें

प्रशासन ने बरेली, मुरादाबाद और दिल्ली की ओर सफर करने वाले सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करें। यात्रियों की सुविधा और आपातकालीन सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए हाईवे के प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

Sawan 2026 : सावन का आज पहला दिन,हर तरफ “हर हर महादेव” के जयकारे!

savan 2026 : आज से सावन शुरू हो गया है. इस मौके पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. कई शिव मंदिरों में तो लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं. सभी शिवालय हर-हर महादेव के जयकारे से गूंज रहे हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. ताकि उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी न हो. सावन का पवित्र महीना आज से शुरू हो गया है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त में भगवान शिव का जलाभिषेक और विधि विधान से पूजन करना अत्यंत शुभ माना गया है. 3 अगस्त को सावन का पहला सोमवार है. सावन के पहले दिन काशी, प्रयागराज, अयोध्या, कानपुर, लखनऊ, देवरिया, गोरखपुर समेत यूपी के शिव मंदिरों में आस्था का महासैलाब उमड़ पड़ा. तड़के सुबह से ही शिवालयों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. श्रद्धालु लंबी-लंबी कतारों में लगे, हर हर महादेव के जयकारे लगाते दिखे.काशी के बाबा विश्वनाथ के दरबार में भी श्रद्धालुओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. यहां सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए. सुगम दर्शन के लिए मंदिर प्रशासन व पुलिस विभाग ने अभेद्य सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं. सावन भर आम भक्तों को प्राथमिकता देने के लिए स्पर्श दर्शन, प्रोटोकॉल और वीआईपी दर्शन पूरी तरह निलंबित कर दिए गए हैं. धाम और आसपास लगभग 5,000 से अधिक पुलिसकर्मियों, PAC, CRPF, NDRF और जल पुलिस की तैनाती की गई है.