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CITY AVENUE
BJP UP Rajya Sabha: 8 नामों में 2027 का सियासी संदेश

BJP UP Rajya Sabha के 8 नामों ने ऐसा सियासी संकेत दिया है, जिसने 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा तेज कर दी है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए आठ प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं।

BJP UP Rajya Sabha में सामाजिक संतुलन: भाजपा की सूची में ओबीसी, दलित, ब्राह्मण, ठाकुर और महिला प्रतिनिधित्व का संतुलन दिखाई देता है। पार्टी ने संगठन में सक्रिय कई चेहरों को भी राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।

आठ प्रत्याशियों के नाम: भाजपा ने धर्मपाल सिंह लोधी, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को प्रत्याशी बनाया है।

संगठन के नेताओं को मौका: BJP UP Rajya Sabha की सूची में कई ऐसे नाम हैं, जो पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। राज्यसभा के जरिए भाजपा ने अनुभवी संगठनकर्ताओं को सम्मान देने का संदेश दिया है।

गैर-यादव OBC पर फोकस: धर्मपाल सिंह और प्रकाश पाल के जरिए भाजपा ने गैर-यादव पिछड़े वर्ग को साधने का संकेत दिया है। प्रकाश पाल भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं, जबकि धर्मपाल सिंह संगठन और सरकार में सक्रिय रहे हैं।

श्रुति गंगवार का चयन: श्रुति गंगवार को प्रत्याशी बनाकर भाजपा ने महिला प्रतिनिधित्व, नई पीढ़ी और कुर्मी समाज को एक साथ संदेश देने की कोशिश की है। बरेली-रुहेलखंड के क्षेत्रीय समीकरणों में भी उनका नाम अहम माना जा रहा है।

दलित प्रतिनिधित्व पर जोर: प्रियंका सिंह रावत और विद्यासागर सोनकर को सूची में शामिल कर भाजपा ने दलित समाज को भी प्रतिनिधित्व दिया है। प्रियंका रावत पासी समाज से आती हैं और बाराबंकी क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पहचान रही है।

ब्राह्मण-ठाकुर समीकरण: राधाकांत ओझा और गोपी कृष्ण पांडेय के जरिए ब्राह्मण समाज को प्रतिनिधित्व मिला है। वहीं राम प्रताप सिंह चौहान के नाम से ठाकुर समाज को भी सूची में जगह मिली है।

2027 के लिए बड़ा संदेश: BJP UP Rajya Sabha के उम्मीदवारों की सूची को 2027 के विधानसभा चुनाव से जुड़ी सामाजिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा ने अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपने व्यापक गठबंधन को संतुलित रखने की कोशिश की है।

आठवीं सीट पर असली परीक्षा: राज्यसभा चुनाव में भाजपा सात सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में है, जबकि आठवीं सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में आठवीं सीट का चुनावी गणित सबसे अहम रहेगा।

BJP UP Rajya Sabha के 8 उम्मीदवारों में OBC, दलित, ब्राह्मण, ठाकुर और महिला चेहरों का संतुलन

BJP UP Rajya Sabha चुनाव के लिए घोषित 8 नामों ने अचानक 2027 की सियासी रणनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए आठ प्रत्याशियों का ऐलान किया है।

BJP UP Rajya Sabha में सामाजिक संतुलन: भाजपा की सूची में ओबीसी, दलित, ब्राह्मण, ठाकुर और महिला चेहरों को जगह दी गई है। पार्टी ने संगठन में सक्रिय नेताओं को भी राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।

8 उम्मीदवारों के नाम: भाजपा ने धर्मपाल सिंह लोधी, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को प्रत्याशी बनाया है।

गैर-यादव OBC पर फोकस: धर्मपाल सिंह और प्रकाश पाल के जरिए भाजपा ने गैर-यादव पिछड़े वर्ग को राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। प्रकाश पाल भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं, जबकि धर्मपाल सिंह संगठन और सरकार में सक्रिय रहे हैं।

श्रुति गंगवार का चयन: श्रुति गंगवार के जरिए भाजपा ने महिला प्रतिनिधित्व, नई पीढ़ी और कुर्मी समाज को एक साथ साधने की कोशिश की है। उनका नाम बरेली-रुहेलखंड के क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दलित प्रतिनिधित्व भी मजबूत: प्रियंका सिंह रावत और विद्यासागर सोनकर को सूची में शामिल कर भाजपा ने दलित समाज को भी प्रतिनिधित्व दिया है। प्रियंका रावत पासी समाज से आती हैं और बाराबंकी क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पहचान रही है।

ब्राह्मण और ठाकुर समीकरण: राधाकांत ओझा और गोपी कृष्ण पांडेय के जरिए ब्राह्मण समाज को प्रतिनिधित्व मिला है। वहीं राम प्रताप सिंह चौहान के नाम से ठाकुर समाज को भी सूची में जगह दी गई है।

2027 की रणनीति पर नजर: BJP UP Rajya Sabha की यह सूची सिर्फ राज्यसभा चुनाव तक सीमित नहीं मानी जा रही। Jagran की रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच पार्टी का व्यापक राजनीतिक गठबंधन बनाए रखना 2027 के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक लक्ष्य है।

आठवीं सीट बनेगी परीक्षा: राज्यसभा चुनाव में भाजपा सात सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में है, जबकि आठवीं सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी। इसलिए अब आठवीं सीट को लेकर राजनीतिक मुकाबला अहम माना जा रहा है।

कुलदीप सेंगर के करीबी धीरेंद्र सिंह की लखनऊ में हत्या

Kuldeep Sengar Aide Dhirendra Singh की लखनऊ में निर्मम हत्या उन्नाव के माखी दुष्कर्मकांड में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के कट्टर समर्थक और महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की लखनऊ में हत्या कर दी गई है।

माखी दुष्कर्म मामले से जुड़ा था कनेक्शन मृतक धीरेंद्र प्रताप सिंह माखी दुष्कर्म पीड़िता के चाचा पर दर्ज मुकदमे में मुख्य गवाह थे, जिसके चलते शासन की स्वीकृति से उन्हें सुरक्षा के लिए दो सरकारी गनर मिले हुए थे।

फतेहपुर चौरासी के रहने वाले थे धीरेंद्र मूल रूप से उन्नाव के फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के राजेपुर गांव के रहने वाले धीरेंद्र पिछले करीब 10 वर्षों से परिवार के साथ लखनऊ में ही रह रहे थे और राजनीतिक गलियारों में अच्छी पकड़ रखते थे।

जमीनी विवाद और राजनीतिक रसूख की चर्चा फर्श से अर्श तक का सफर तय करने वाले धीरेंद्र सिंह का नाम जमीन की खरीद-फरोख्त और विवादों को सुलझाने में भी चर्चा में रहता था, और उनकी हत्या के पीछे बालामऊ जमीन विवाद को भी जोड़ा जा रहा है।

गांव में मचा कोहराम और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल घटना की सूचना मिलते ही उन्नाव स्थित उनके पैतृक गांव राजेपुर में शोक की लहर दौड़ गई और स्वजन व ग्रामीण तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

प्रतापगढ़ में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर धंसी सड़क: NH-30 पर टला बड़ा हादसा

Prayagraj Lucknow Highway Cave In की खबर ने प्रतापगढ़ जिले में नवाबगंज क्षेत्र के बरई का पुरवा के निकट यात्रियों और स्थानीय निवासियों की सांसें थाम दीं। सोमवार की भोर में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-30 का एक हिस्सा अचानक भरभराकर जमीन के अंदर समा गया और वहां गहरा गड्ढा बन गया। गनीमत रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त कोई भी वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था, जिससे एक भयंकर हादसा होने से बाल-बाल बच गया।

फोरलेन निर्माण में बरती गई भारी लापरवाही करीब एक वर्ष पूर्व लखनऊ से प्रयागराज तक NH-30 को फोरलेन में तब्दील किया गया था। महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए इस निर्माण कार्य को बहुत तेजी से पूरा किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान सड़क के नीचे मौजूद एक गहरे गड्ढे को सुरक्षित तरीके से भरने की जगह उस पर टेंपरेरी डामर डालकर सड़क बना दी गई थी, जो अब जानलेवा साबित हो रही है।

लगातार बारिश बनी सड़क धंसने का कारणPrayagraj Lucknow Highway Cave In की मुख्य वजह क्षेत्र में हो रही तेज और लगातार बारिश को माना जा रहा है। बारिश का पानी अस्थायी रूप से भरे गए गड्ढे के भीतर प्रवेश कर गया, जिससे अंदरूनी मिट्टी धीरे-धीरे खिसकने लगी। भोर के समय मिट्टी खिसकते ही डामर की परत ढह गई और मुख्य हाईवे पर अचानक एक बड़ा खड्डा दिखाई देने लगा, जिसे देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।

स्थानीय निवासियों का फूटा गुस्सा घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए और विभागीय लापरवाही के खिलाफ नाराजगी जताई। अगर सड़क धंसने के दौरान कोई तेज रफ्तार चार पहिया वाहन या बाइक वहां से गुजरती, तो वह सीधे गड्ढे में समा जाती। ग्रामीणों का कहना है कि इतने व्यस्त हाईवे पर इस तरह की लापरवाही किसी बड़ी जनहानि का कारण बन सकती थी।

छह घंटे बाद पहुंचे अधिकारीPrayagraj Lucknow Highway Cave In की सूचना मिलने के लगभग छह घंटे बाद राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के प्रोजेक्ट मैनेजर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने धंसे हुए स्थान का मुआयना किया और सुरक्षा के लिहाज से गड्ढे के चारों तरफ पत्थर व पत्ते लगाकर घेराबंदी कराई। उन्होंने जल्द ही सड़क की स्थायी मरम्मत का आश्वासन दिया है।

मानस बाजपेई हत्याकांड: लखनऊ में सनसनीखेज वारदात का हुआ खुलासा

मानस वाजपेयी केस में आया नया मोड़ मानस वाजपेयी केस के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बैंककर्मी मानस वाजपेयी अपनी पत्नी और बहन की हत्या करने और फिर खुदकुशी करने से पहले कई दिनों से असलहे (हथियार) की तलाश में था।

कोर्ट का तनाव और बढ़ता गुस्सा मानस वाजपेयी केस की सुनवाई के बाद से ही स्थितियां बिगड़ने लगी थीं। 18 अगस्त को कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद उसका गुस्सा और तनाव बहुत बढ़ गया था। उसकी पत्नी दिव्या द्वारा भरण-पोषण के रूप में 1 करोड़ रुपये की मांग की जा रही थी, जिससे मानस काफी तनाव में आ गया था।

हथियार की खोज और पुलिस की तफ्तीश मामले की जांच कर रही पुलिस को जानकारी मिली है कि हत्या से पहले मानस कई लोगों के संपर्क में था और हथियार जुटाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसे पिस्टल और तमंचा किसने और कैसे उपलब्ध कराए। उसके साथियों के अनुसार, कोर्ट की तारीख और लगातार बढ़ते कानूनी विवादों ने उसे गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में धकेल दिया था।

पारिवारिक विवाद का दुखद अंत यह मामला केवल एक अपराध नहीं, बल्कि पारिवारिक विवादों और टूटते रिश्तों की एक भयानक परिणति है। पिता और मां की मृत्यु के बाद जिम्मेदारी का बोझ, शादी के बाद पत्नी के साथ मनमुटाव, और फिर कोर्ट-कचहरी के चक्करों के कारण यह पूरा परिवार दुखद रूप से तबाह हो गया।

Aishbagh Junction Redevelopment के तहत लखनऊ को मिली आधुनिक रेलवे स्टेशन की सौगात

नए अवतार में तैयार हुआ ऐशबाग जंक्शन Aishbagh Junction Redevelopment का कार्य पूरा होने के बाद अब यह स्टेशन अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है।

अमृत भारत स्टेशन योजना का हिस्सा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा Aishbagh Junction Redevelopment परियोजना को देश के 75 पुनर्विकसित स्टेशनों के लोकार्पण कार्यक्रम के तहत जनता को समर्पित किया गया।

पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की बड़ी उपलब्धि इस Aishbagh Junction Redevelopment के जरिए लखनऊ मंडल के यात्रियों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सुगम आवाजाही और विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हुआ स्टेशन व्यापक Aishbagh Junction Redevelopment के बाद स्टेशन परिसर में आधुनिक प्रतीक्षालय, उन्नत डिजिटल डिस्प्ले और लिफ्ट जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं।

रेलवे आधुनिकीकरण की बनी नई पहचान पूर्वोत्तर रेलवे का यह प्रोजेक्ट Aishbagh Junction Redevelopment के माध्यम से विकसित भारत और आधुनिक भारतीय रेल के सपने को साकार कर रहा है।

3707 म्यूल खातों पर पुलिस का शिकंजा: लखनऊ में 2222 मोबाइल नंबरों पर साइबर क्रैकडाउन, जानें कैसे हुआ भंडाफोड़

3707 Mule Accounts Under Scrutiny में आने के बाद लखनऊ पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और चौकाने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। जासूसों की तरह बिछाए गए इस नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये उड़ाए जा रहे थे, लेकिन पुलिस की तत्परता ने अपराधियों के होश उड़ा दिए हैं।

म्यूल बैंक खातों का मायाजाल ध्वस्त करते हुए लखनऊ क्राइम ब्रांच और साइबर पुलिस ने पहचाने गए 3707 संदिग्ध खातों में से 3364 खातों को तुरंत फ्रीज करा दिया है। पूर्वी जोन के गोमतीनगर, गुड़ंबा और बक्शी का तालाब क्षेत्रों में सबसे ज्यादा 1425 म्यूल खातों की पहचान की गई। अपर पुलिस उपायुक्त किरन यादव के अनुसार, ठग पीड़ितों से पैसा सीधे अपने पास न मंगाकर इन कमीशन पर लिए गए खातों में ट्रांसफर कराते थे।

डिजिटल अरेस्ट और कॉल सेंटर का खेल बेनकाब करते हुए पुलिस ने बताया कि ग्रामीण इलाकों के लोगों और युवाओं को पैसों का लालच देकर उनके खाते इस्तेमाल किए जा रहे थे। डिजिटल अरेस्ट, पार्ट टाइम जॉब, बिजली बिल और पार्सल में अवैध सामान का डर दिखाकर लोगों को निशाना बनाया जाता था। जांच में 3707 Mule Accounts Under Scrutiny के अलावा 2222 मोबाइल नंबरों में से 1710 और 678 IMEI नंबरों में से 599 को ब्लॉक करवाया जा चुका है।

साइबर सुरक्षा के लिए जारी एडवाइजरी में अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ठगी होते ही तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने दें।

लखनऊ में थमेगा झमाझम बारिश का दौर: शनिवार से लखनऊ और पूर्वी यूपी में कमजोर पड़ेगा मानसून, सिर्फ बूंदाबांदी के आसार।

Lucknow Rain UP Weather के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में पिछले दो हफ्तों से जारी मूसलाधार बारिश का दौर अब सुस्त पड़ने लगा है। शनिवार से प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी देखने को मिलेगी। हालांकि दक्षिणी जिलों में मानसूनी हवाओं की सक्रियता लगातार बनी हुई है।

राजधानी लखनऊ में हल्की बूंदाबांदी के आसार उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को केवल हल्की बूंदाबांदी होने का अनुमान मौसम विभाग ने जताया है। शुक्रवार को यहां का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर में सोमवार को एक बार फिर मध्यम से भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

दक्षिणी उत्तर प्रदेश में जारी रहेगा मानसून Lucknow Rain UP Weather की स्थिति में बदलाव के बीच मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मध्य क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण का असर मुख्य रूप से सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली जैसे दक्षिणी जिलों में दिखेगा। इन क्षेत्रों में आने वाले दो से तीन दिनों तक मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय रहेंगी।

विगत 24 घंटों के बारिश के आंकड़े पिछले 24 घंटों के दौरान संभल में सबसे ज्यादा 134 मिमी और बुलंदशहर में 110.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हमीरपुर में भी 93 मिमी बारिश हुई है। प्रदेश के लगभग 45 जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग का आगामी पूर्वानुमान वरिष्ठ मौसम विज्ञानियों के अनुसार उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में मानसून का असर धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। Lucknow Rain UP Weather में राहत के बावजूद लगभग 50 जिलों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है।

Sawan Kanwar Yatra Route Diversion: दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर आज से 6 दिनों के लिए बदला रास्ता, जानें पूरा ट्रैफिक प्लान

सड़कों पर उमड़ेगा शिवभक्तों का सैलाब

Sawan Kanwar Yatra Route Diversion की घोषणा होते ही दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया है। पवित्र सावन माह के दूसरे सोमवार और शिवरात्रि पर्व को देखते हुए अमरोहा और हापुड़ पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत हाईवे पर गुरुवार से मंगलवार तक 6 दिनों का व्यापक रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है।

Sawan Kanwar Yatra Route Diversion की पूरी जानकारी

भारी वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने बड़े और भारी वाहनों के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। Sawan Kanwar Yatra Route Diversion प्लान के तहत हल्के चारपहिया वाहनों को वनवे ट्रैफिक व्यवस्था के माध्यम से नियंत्रित कर निकाला जाएगा, ताकि किसी दुर्घटना की संभावना न रहे।

रविवार से हाईवे पर लागू होगा जीरो ट्रैफिक

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रणनीति तैयार की है। Sawan Kanwar Yatra Route Diversion नियम के अनुसार रविवार शाम से मंगलवार दोपहर तक दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर जीरो ट्रैफिक घोषित रहेगा, जहां दोनों पटरियों पर केवल और केवल कांवड़ियों की आवाजाही की अनुमति होगी।

लापरवाही बरतने पर पुलिस अधिकारियों को चेतावनी

अमरोहा और हापुड़ जिले के उच्च पुलिस अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक में यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। Sawan Kanwar Yatra Route Diversion के दौरान ड्यूटी में ढिलाई या लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी जारी की गई है।

बरेली और दिल्ली जाने वाले वैकल्पिक मार्ग चुनें

प्रशासन ने बरेली, मुरादाबाद और दिल्ली की ओर सफर करने वाले सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करें। यात्रियों की सुविधा और आपातकालीन सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए हाईवे के प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

CM Yogi का वाराणसी से बड़ा ऐलान,भदोही जिले का नाम एक बार फिर संत रविदास नगर किया जाएगा!

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भदोही जिले का नाम एक बार फिर संत रविदास नगर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर राज्य सरकार यह निर्णय लागू करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल नाम बदलने का फैसला नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने वाले महापुरुषों के सम्मान का संकल्प भी है.वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी के ‘समरसता संकल्प अभियान’ के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने संत रविदास के नाम पर बने जिले का नाम बदलकर पाप किया था. अब उनकी सरकार जिले को फिर से संत रविदास नगर की पहचान दिलाएगी.मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग समाज को जोड़ने का काम करते हैं, वे अपने सार्वजनिक संस्थानों और स्थानों का नाम महान संतों और महापुरुषों के नाम पर रखते हैं. उन्होंने कहा कि जो समाज को बांटने की राजनीति करते हैं, उनके आदर्श बाबर और औरंगजेब हैं. ऐसे लोग समाज को एकजुट करने वाले महापुरुषों का सम्मान नहीं कर सकते.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में गुरु पूर्णिमा पर संत गुरु रविदास को नमन किया। इस ‍अवसर पर उन्होंने बड़ी घोषणा की।मुख्यमंत्री ने वाराणसी में बड़ा ऐलान किया और कहा कि भदोही का नाम फिर संत रविदास नगर होगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने संत रविदास नगर का नाम बदलकर भदोही कर दिया था। अब उसकी पुरानी पहचान फिर बहाल होगी। इसका नाम संत रविदास नगर होगा और इसी से कालीन नगरी की पहचान होगी।समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने कई बार महापुरुषों की पहचान को कमजोर करने का प्रयास किया, लेकिन उनकी सरकार ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि “संत रविदास नगर” की पहचान उसी नाम से बनी रहेगी। यह संत रविदास जी की तपोभूमि और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।