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Lok Sabha : पेपर लीक और युवाओं के भविष्य को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त जुबानी जंग,अनुराग ठाकुर ने सपा,कांग्रेस पर साधा निशाना!

Anurag Thakur Speaks at Lok Sabha : संसद के पटल पर पेपर लीक और युवाओं के भविष्य को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त जुबानी जंग देखने को मिली. पूर्व केंद्रीय मंत्री व बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग आज सड़कों पर उतरकर आंदोलन की बात कर रहे हैं, उन्होंने खुद अपने शासनकाल में उत्तर प्रदेश को ‘नकल प्रदेश’ और ‘पेपर लीक प्रदेश’ बना दिया था. मुहावरे का इस्तेमाल करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल और अखिलेश की स्थिति खुद मियां फजीहत, दूसरों को नसीहत जैसी है. इस दौरान सपा सांसद आनंद भदौरिया समेत विपक्षी नेताओं के हंगामे और तीखी टोका-टोकी के बीच बीजेपी सांसद ने पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान हुए आधा दर्जन से अधिक पेपर लीक और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की विवादित भर्तियों का ब्यौरा सदन में रखा.
पेपर लीक पर सियासत पिछले कई हफ्तों से चल रही है. लेकिन मंगलवार को लोकसभा में जो नजारा दिखा, उसने बहस को नया मोड़ दे दिया. पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोला. उन्होंने एक-एक कर सालों पुराने पेपर लीक मामलों का जिक्र किया और हर घटना के बाद सवाल पूछा, ‘सरकार किसकी थी?’ इस दौरान सत्ता पक्ष की बेंचों से बार-बार आवाज आई, ‘कांग्रेस… कांग्रेस…’. उनका यह भाषण सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया. भाजपा ने इसे विपक्ष की जवाबदेही का सवाल बताया, जबकि विपक्ष सरकार को मौजूदा पेपर लीक मामलों पर घेरता रहा.
लोकसभा में अनुराग ठाकुर ने अपने भाषण में दावा किया कि देश में नकल और पेपर लीक के खिलाफ सबसे पहले सख्त कानून भाजपा सरकारों ने बनाए. उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि कल्याण सिंह सरकार के समय तत्कालीन शिक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नकल विरोधी कानून लेकर आए थे. साथ ही उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर भी कटाक्ष किया. अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में सीबीएसई, एआईपीएमटी, एम्स, रेलवे, एसएससी, मेडिकल और अन्य कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं हुईं. उनका दावा था कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान पांच सालों में 19 परीक्षाओं में से 17 के पेपर लीक हुए. हालांकि इन दावों पर विपक्ष की ओर से भी असहमति जताई गई और सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली.

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