सुप्रीम कोर्ट का फैसला: फांसी से ही दी जाएगी मृत्युदंड की सजा, याचिका खारिज
Supreme Court Death Penalty Hanging को रद्द करने और सजा-ए-मौत के लिए नए विकल्प अपनाने की मांग वाली याचिका पर सर्वोच्च अदालत ने अपना बड़ा फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की जगह जहरीले इंजेक्शन या अन्य दर्द रहित तरीकों से मृत्युदंड देने की याचिका को खारिज कर दिया है।
जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ का फैसला: Supreme Court Death Penalty Hanging से जुड़े इस मामले पर जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई करते हुए यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ किया कि वह विधायिका को सजा देने का तरीका बदलने का निर्देश नहीं दे सकता।
2017 में दाखिल हुई थी जनहित याचिका: पुराने तरीके पर उठाए गए थे सवाल: वरिष्ठ अधिवक्ता ऋषि मल्होत्रा द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि फांसी पर लटकाने से कैदी को अत्यधिक दर्द और पीड़ा सहनी पड़ती है। याचिका में मांग की गई थी कि फांसी के स्थान पर जहरीला इंजेक्शन, शूटिंग या गैस चैंबर जैसे आधुनिक तरीके अपनाए जाने चाहिए।
केंद्र सरकार समीक्षा करने के लिए स्वतंत्र: सुप्रीम कोर्ट ने दी छूट: अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिका खारिज होने के बावजूद केंद्र सरकार चाहे तो विशेषज्ञों की समिति बनाकर मौत की सजा के वैकल्पिक तरीकों पर विचार और समीक्षा कर सकती है, ताकि मानवीय गरिमा का ध्यान रखा जा सके।

