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CITY AVENUE
तेज प्रताप का तेजस्वी को समर्थन: बिहार की राजनीति में नए समीकरण

तेज प्रताप यादव ने बदला सियासी माहौल तेज प्रताप यादव ने अपने नए बयान से बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। लालू परिवार के भीतर चल रही खींचतान की चर्चाओं के बीच, उन्होंने तेजस्वी यादव के ‘लोक भवन मार्च’ का समर्थन करके एक बड़ा सियासी संदेश दिया है।

लालू परिवार में एकजुटता का नया संकेत तेज प्रताप यादव का यह कदम परिवार के भीतर फिर से एकजुटता को दर्शाता है। पहले रोहिणी आचार्य द्वारा तेजस्वी का बचाव करने और अब तेज प्रताप के समर्थन में आने के बाद, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि लालू परिवार फिर से एक साथ मजबूती से खड़ा हो रहा है।

छात्रों के मुद्दों पर आक्रामक रुख तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया कि सीवान में छात्रों पर हुई फायरिंग और पेपर लीक जैसे अहम मुद्दों पर वे तेजस्वी यादव और आरजेडी के आंदोलन के साथ हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों के हक की यह लड़ाई जारी रहेगी।

राजनीतिक प्रभाव और आगे की राह तेज प्रताप के इस समर्थन ने एनडीए (NDA) सरकार को घेरने की आरजेडी (RJD) की रणनीति को और मजबूत कर दिया है। देखना होगा कि लालू परिवार की यह एकजुटता बिहार के राजनीतिक और चुनावी माहौल पर क्या प्रभाव डालती है।

रोहिणी आचार्य का पलटवार: ‘माता-पिता के सम्मान से कोई समझौता नहीं’

रोहिणी आचार्य का बड़ा बयान: ‘माता-पिता के सम्मान से कोई समझौता नहीं’

आरजेडी (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की टिप्पणी के बाद रोहिणी आचार्य ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके लिए माता-पिता का सम्मान सबसे ऊपर है।

माता-पिता के सम्मान में लिया कड़ा स्टैंड रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जो लोग उनके माता-पिता के खिलाफ अभद्र या अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें उसी भाषा में करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके लिए दुनिया में माता-पिता से बढ़कर कुछ भी नहीं है।

जीतन राम मांझी पर फिर साधा निशाना रोहिणी ने जीतन राम मांझी पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि किसी अन्य व्यक्ति के बयान के संदर्भ में लालू-राबड़ी पर टिप्पणी करना अनुचित है। एक बेटी होने के नाते अपने माता-पिता के पक्ष में बोलना उनका स्वाभाविक कर्तव्य है।

मर्यादा और अपने विचारों पर कायम उन्होंने उन खबरों को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया जिनमें उनके रुख बदलने की बात कही जा रही थी। रोहिणी ने साफ किया कि वह पल-पल अपनी राय बदलने वालों में से नहीं हैं और जो गलत है, उसे हमेशा गलत ही कहेंगी।