Kasganj Kanwar Yatra: मामा ने भांजी को माना गंगा मैया, कांवड़ में बैठाकर उठाई यात्रा

कासगंज में भक्ति की अनोखी मिसाल: Kasganj Kanwar Yatra के दौरान पवित्र श्रावण मास में भक्ति और रिश्तों की एक बेहद भावुक और अनुकरणीय मिसाल सामने आई है। सोरों के लहरा घाट से कांवड़ उठाकर चले श्रद्धालु प्रेमशंकर कुशवाह ने अपनी मासूम भांजी सहजल को ही गंगा मैया का रूप मानकर यात्रा शुरू की है। राह में चलने वाले अन्य शिवभक्त इस दृश्य को देखकर दंग रह गए।
भोलेनाथ के आशीर्वाद का लिया संकल्प: Kasganj Kanwar Yatra में कांवड़ उठाकर चल रहे प्रेमशंकर ने बताया कि उन्होंने भगवान शिव के आशीर्वाद से इस बार यह संकल्प लिया था कि वह गंगा मैया का रूप मानकर अपनी भांजी को साथ लेकर ही जलाभिषेक करेंगे। इसी अटूट संकल्प के साथ उन्होंने सोरों के लहरा घाट से गंगा जल भरा और अपनी भांजी को कांवड़ में बैठाकर पैदल यात्रा शुरू की।
श्रद्धालुओं के बीच बना चर्चा का विषय: Kasganj Kanwar Yatra के मार्ग पर यह अनोखा नजारा देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। रास्ते भर अन्य कांवड़ियों और स्थानीय निवासियों ने प्रेमशंकर और उनकी भांजी सहजल का जोरदार स्वागत किया और इस भक्ति भावना को अनुकरणीय उदाहरण बताया।
पवित्र सावन मास में विशेष संदेश: Kasganj Kanwar Yatra का यह दृश्य न केवल आस्था और विश्वास को दर्शाता है, बल्कि समाज को पारिवारिक प्रेम, बेटियों के सम्मान और रिश्तों के प्रति गहरी आस्था का संदेश भी देता है।

