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CITY AVENUE
प्रतापगढ़ में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर धंसी सड़क: NH-30 पर टला बड़ा हादसा

Prayagraj Lucknow Highway Cave In की खबर ने प्रतापगढ़ जिले में नवाबगंज क्षेत्र के बरई का पुरवा के निकट यात्रियों और स्थानीय निवासियों की सांसें थाम दीं। सोमवार की भोर में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-30 का एक हिस्सा अचानक भरभराकर जमीन के अंदर समा गया और वहां गहरा गड्ढा बन गया। गनीमत रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त कोई भी वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था, जिससे एक भयंकर हादसा होने से बाल-बाल बच गया।

फोरलेन निर्माण में बरती गई भारी लापरवाही करीब एक वर्ष पूर्व लखनऊ से प्रयागराज तक NH-30 को फोरलेन में तब्दील किया गया था। महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए इस निर्माण कार्य को बहुत तेजी से पूरा किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान सड़क के नीचे मौजूद एक गहरे गड्ढे को सुरक्षित तरीके से भरने की जगह उस पर टेंपरेरी डामर डालकर सड़क बना दी गई थी, जो अब जानलेवा साबित हो रही है।

लगातार बारिश बनी सड़क धंसने का कारणPrayagraj Lucknow Highway Cave In की मुख्य वजह क्षेत्र में हो रही तेज और लगातार बारिश को माना जा रहा है। बारिश का पानी अस्थायी रूप से भरे गए गड्ढे के भीतर प्रवेश कर गया, जिससे अंदरूनी मिट्टी धीरे-धीरे खिसकने लगी। भोर के समय मिट्टी खिसकते ही डामर की परत ढह गई और मुख्य हाईवे पर अचानक एक बड़ा खड्डा दिखाई देने लगा, जिसे देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।

स्थानीय निवासियों का फूटा गुस्सा घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए और विभागीय लापरवाही के खिलाफ नाराजगी जताई। अगर सड़क धंसने के दौरान कोई तेज रफ्तार चार पहिया वाहन या बाइक वहां से गुजरती, तो वह सीधे गड्ढे में समा जाती। ग्रामीणों का कहना है कि इतने व्यस्त हाईवे पर इस तरह की लापरवाही किसी बड़ी जनहानि का कारण बन सकती थी।

छह घंटे बाद पहुंचे अधिकारीPrayagraj Lucknow Highway Cave In की सूचना मिलने के लगभग छह घंटे बाद राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के प्रोजेक्ट मैनेजर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने धंसे हुए स्थान का मुआयना किया और सुरक्षा के लिहाज से गड्ढे के चारों तरफ पत्थर व पत्ते लगाकर घेराबंदी कराई। उन्होंने जल्द ही सड़क की स्थायी मरम्मत का आश्वासन दिया है।

आदेशों के पालन में आनाकानी पर इलाहाबाद हाई कोर्ट गंभीर, डीजीपी व महाधिवक्ता तलब

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के ढुलमुल रवैये और अदालती आदेशों की लगातार हो रही अनदेखी पर अत्यधिक कड़ा रुख अपनाया है।

अदालत का बड़ा एक्शनइलाहाबाद High Court ने न्यायालय के आदेशों का समय से अनुपालन न होने और अवमानना याचिकाओं की बढ़ती संख्या पर गहरी नाराजगी जाहिर की है।

डीजीपी को किया गया तलबइलाहाबाद हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद राज्य के महानिदेशक (डीजीपी) को व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों की लापरवाहीइलाहाबाद हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा आदेशों का कड़ाई से पालन न करने के कारण आम जनता और याचिकाकर्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

समय की बर्बादी पर फटकारइलाहाबाद High Court का मानना है कि प्रशासनिक हीलाहवाली के कारण न केवल याचिकर्ताओं का समय बर्बाद होता है बल्कि अदालत का बहुमूल्य समय भी नष्ट होता है।

न्याय प्रणाली की सुरक्षाइलाहाबाद High Court ने साफ कर दिया है कि न्यायिक आदेशों का सम्मान हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा और अनुपालन में देरी करने वाले अफसरों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

Former UP Deputy CM Attacks Akhilesh Yadav: जयंत चौधरी टिप्पणी पर गरमाई राजनीति

दिनेश शर्मा ने सपा प्रमुख पर साधा निशाना

Former UP Deputy CM Attacks Akhilesh Yadav की इस बड़ी राजनीतिक खबर में उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने कानपुर दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्द पूरी तरह अमर्यादित हैं।

जाट समाज का अपमान बताने का आरोप

Former UP Deputy CM Attacks Akhilesh Yadav के दौरान भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि रालोद प्रमुख जयंत चौधरी को ‘चवन्नी’ कहना केवल एक नेता का नहीं, बल्कि पूरे जाट समाज का सीधा अपमान है। उन्होंने याद दिलाया कि चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत राष्ट्रभक्ति और किसान हित से जुड़ी रही है।

कांग्रेस और सपा पर बोला हमला

Former UP Deputy CM Attacks Akhilesh Yadav के बयान में पूर्व डिप्टी सीएम ने कांग्रेस के वंदे मातरम वाले फैसले और सपा के परिवारवाद पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अपनी संकीर्ण राजनीति के चलते जनता के बीच अपनी साख लगातार खोते जा रहे हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राहुल गांधी की सुप्रीम कोर्ट में याचिका से जुड़ी खबर पर आधारित

हाईकोर्ट के आदेश को दी चुनौती Rahul Gandhi Supreme Court का रुख करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें सीबीआई और ईडी को आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच का निर्देश दिया गया था।

17 अगस्त को होगी बड़ी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ Rahul Gandhi Supreme Court याचिका पर 17 अगस्त को सुनवाई करने के लिए तैयार है।

मामले को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग सर्वोच्च अदालत का रुख करने के साथ ही Rahul Gandhi Supreme Court से इस पूरे मामले की सुनवाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट में स्थानांतरित (Transfer) करने की भी अलग से अपील की है।

भाजपा कार्यकर्ता की याचिका पर विवाद कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की शिकायत पर Rahul Gandhi Supreme Court का यह पूरा मामला आधारित है, जिस पर हाईकोर्ट ने सीबीआई से विस्तृत हलफनामा मांगा था।

कानूनी प्रक्रिया पर उठाए सवाल कांग्रेस नेता ने Rahul Gandhi Supreme Court में दलील दी है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्षता और हाईकोर्ट द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पर पुनर्विचार की जरूरत है।