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पूर्वांचल में बरसीं राहत की बूंदें: वाराणसी समेत कई जिलों में गिरा पारा, जानें मौसम का नया मिजाज

पूर्वांचल में बारिश ने अचानक दस्तक देकर भीषण गर्मी और चिपचिपाहट भरी उमस से जूझ रहे लोगों को बहुत बड़ी राहत दिलाई है।

आसमान में छाए घने बादल पूर्वांचल में बारिश के इस नए दौर के कारण वाराणसी समेत आसपास के सभी जिलों में सुबह से ही काले बादलों का डेरा जमा हुआ है।

पारा गिरने से मिली राहत पूर्वांचल में बारिश की वजह से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई है।

पूरे सप्ताह का मौसम पूर्वानुमान पूर्वांचल में बारिश और बूंदाबांदी का यह सिलसिला पूरे सप्ताह बने रहने के संकेत भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा दिए गए हैं।

कृषि और आम जनजीवन पर असर पूर्वांचल में बारिश होने से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है, वहीं आद्रता बढ़ने से तापमान में भी काफी संतुलन देखा जा रहा है।

मौसम विभाग की चेतावनी पूर्वांचल में बारिश के साथ-साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

Varanasi Ganga Water Level Rise: काशी में गंगा का विकराल रूप, 84 घाटों का संपर्क टूटा

Varanasi Ganga Water Level Rise से मंडराया संकट: Varanasi Ganga Water Level Rise की रफ्तार अचानक तेज होने से पवित्र धार्मिक नगरी काशी में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश और ऊपरी इलाकों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर 20 सेंटीमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से बढ़ रहा है।

नावों के संचालन पर लगा पूर्ण प्रतिबंध: Varanasi Ganga Water Level Rise को देखते हुए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने रविवार से ही गंगा में नौका संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सुबह 8 बजे जलस्तर 65.8 मीटर दर्ज किया गया, जिससे काशी के सभी प्रसिद्ध 84 घाटों का आपस में संपर्क पूरी तरह कट गया है।

जल पुलिस और NDRF अलर्ट पर तैनात: Varanasi Ganga Water Level Rise के कारण सावन के सोमवार और नागपंचमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है। जल पुलिस प्रभारी सुधीर त्रिपाठी के अनुसार घाटों पर ड्रोन से निगरानी की जा रही है और 24 घंटे गश्त जारी है।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए चेतावनी जारी: Varanasi Ganga Water Level Rise के चलते प्रशासन ने नागरिकों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं से गंगा के तटों के करीब न जाने की अपील की है। स्थिति सामान्य होने और जलस्तर घटने के बाद ही नौका संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा।



Kashi Akhara Nag Panchami: काशी के अखाड़ों में मुगदर का जलवा

नागपंचमी पर अखाड़ों में दिखा अनोखा उत्साह: Kashi Akhara Nag Panchami के पावन अवसर पर वाराणसी के तुलसी घाट स्थित ऐतिहासिक अखाड़े में कुश्ती और मल्लयुद्ध की अद्भुत परंपरा का भव्य नजारा देखने को मिला। सुबह से ही मिट्टी के इस प्राचीन अखाड़े में पहलवानों का जमावड़ा शुरू हो गया, जहां 8 वर्ष के बच्चों से लेकर 70 वर्ष के बुजुर्ग पहलवानों ने अपनी शारीरिक ताकत और दांव-पेच का प्रदर्शन किया।

विदेशी पहलवान ने भांजा भारी मुगदर: Kashi Akhara Nag Panchami के इस विशेष आयोजन में नीदरलैंड से आए पहलवान हर्बर्ट की मौजूदगी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। भारतीय कुश्ती और अखाड़ा संस्कृति में गहरी रुचि रखने वाले हर्बर्ट ने अखाड़े में उतरकर भारी मुगदर भांजा और शक्ति प्रदर्शन किया, जिससे प्राचीन पहलवानी कला का वैश्विक रूप सामने आया।

तुलसी घाट का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व: Kashi Akhara Nag Panchami पर तुलसी घाट अखाड़े में स्थापित पवनपुत्र हनुमान जी का पारंपरिक पूजन-अर्चन किया गया। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा स्थापित यह अखाड़ा भारत के सबसे प्राचीन अखाड़ों में गिना जाता है, जहां कुछ वर्ष पूर्व लड़कियों को प्रवेश दिया गया था और अब अंतरराष्ट्रीय पहलवान भी यहां प्रशिक्षण लेने आ रहे हैं।

2017 से भारतीय कुश्ती से जुड़े हर्बर्ट: Kashi Akhara Nag Panchami के मंच पर अपनी कला दिखाने वाले नीदरलैंड के हर्बर्ट वर्ष 2017 में पहली बार भारत आए थे। उन्होंने बताया कि वह नीदरलैंड में भी पहलवानों को भारतीय पारंपरिक मल्ल युद्ध और अभ्यास तकनीकों का प्रशिक्षण दे रहे हैं तथा इसे यूरोप में लोकप्रिय बनाने का प्रयास कर रहे हैं।