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CITY AVENUE
UP Vidhansabha Election 2027 : विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी बसपा,प्रत्याशियों के चयन में अहम भूमिका निभाएंगे आकाश आनंद!

UP Vidhansabha Election 2027 : लंबे समय तक नाराज रहने के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद का कद एक बार फिर बढ़ा दिया है। अब वह चुनावों में सीधे जुड़ेंगे। विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद अब प्रत्याशियों के चयन में अहम भूमिका निभाएंगे। बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें प्रत्याशियों के चयन की जिम्मेदारी सौंपी है। आकाश की अगुवाई में कार्यकर्ता सम्मेलन भी होंगे, जिसमें वह प्रत्याशी के नाम पर मुहर लगाएंगे। इसकी शुरुआत 10 अगस्त को हाथरस के सादाबाद से होगी। वहीं 25 अगस्त को नोएडा के जेवर में आयोजित सम्मेलन आकाश की अध्यक्षता में होगा।बता दें कि आकाश ने बीते सप्ताह अपने तीन दिवसीय राजधानी प्रवास पर आने के बाद बसपा सुप्रीमो से यूपी चुनाव को लेकर गहन मंथन किया था। उनके साथ पार्टी उपाध्यक्ष आनंद कुमार भी आए थे। पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक आकाश के यूपी में प्रचार की शुरुआत करने से उनका कद बढ़ेगा। अभी तक आकाश को यूपी और उत्तराखंड की राजनीति से दूर रखा जा रहा था। इस फैसले से पार्टी आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद के सामने एक युवा चेहरे को बतौर चुनौती पेश कर सकेगी।

जौहर यूनिवर्सिटी ध्वस्तीकरण मामला, इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई!

Mohammad Azam Khan Jauhar University: उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर चर्चा में हैं. बता दे कि रामपुर स्थित उनकी मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर मंडरा रहे ध्वस्तीकरण के खतरे के खिलाफ मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है. मौलाना अली जौहर ट्रस्ट ने रामपुर विकास प्राधिकरण के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की है, जिस पर आज यानी बुधवार, 29 जुलाई 2026 सुनवाई होनी है.रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में बने 38 भवनों को अवैध घोषित किया है. प्राधिकरण का कहना है कि इन इमारतों का निर्माण बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के किया गया है. इसी आधार पर 15 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था. प्राधिकरण ने ट्रस्ट को 20 दिन के भीतर खुद ही अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया था और चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने पर RDA खुद कार्रवाई करेगा और उसका खर्च भी ट्रस्ट से वसूला जाएगा.

ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर ऐसा तंज,इस्तीफे को दे दिया जातीय रंग! पूछ लिया इस सवाल का जवाब!

NEET परीक्षा विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति लगातार गर्म है। अब इस मुद्दे ने उत्तर प्रदेश की सियासत में भी नई बहस छेड़ दी है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए जातीय राजनीति का सवाल उठाया है। आखिर क्या कहा ओम प्रकाश राजभर ने और क्यों तेज हो गई राजनीतिक बयानबाज़ी? NEET परीक्षा विवाद के बाद देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर रहा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाता रहा।इसी राजनीतिक माहौल के बीच उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का एक बयान चर्चा में आ गया है।राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से सवाल पूछा। उन्होंने लिखा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान किसी दूसरी जाति से होते, तो क्या तब भी अखिलेश यादव उनके इस्तीफे की मांग करते?राजभर ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि इस सवाल का जवाब केवल राजनीतिक दलों को ही नहीं, बल्कि जनता को भी मिलना चाहिए। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरणों और विपक्ष की रणनीति को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी लगातार छात्रों के मुद्दों को उठाती रही है। पार्टी का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है। अखिलेश यादव सहित पार्टी के कई नेताओं ने NEET विवाद और छात्रों के आंदोलन को संसद से लेकर सड़क तक उठाया है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दे अब धीरे-धीरे चुनावी विमर्श का हिस्सा बनते जा रहे हैं। ऐसे में अलग-अलग दल इन मुद्दों को अपने-अपने राजनीतिक नजरिए से जनता के सामने रख रहे हैं।फिलहाल, ओम प्रकाश राजभर के बयान पर समाजवादी पार्टी की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।NEET विवाद से शुरू हुई बहस अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। एक तरफ छात्र और परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ नेताओं के बीच तीखी बयानबाज़ी भी जारी है।

जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर एक्शन रुकते ही आया बसपा सुप्रीमो मायावती का बयान- ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक का फैसला उचित!

लखनऊ : बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की इमारतों के ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक का स्वागत किया है। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में बुलडोजर चलाने के बजाय संस्थानों को नियमित कराने की नीति अपनाने की मांग की है।बसपा प्रमुख ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, रामपुर में सपा नेता मोहम्मद आजम खान के पारिवारिक ट्रस्ट द्वारा स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय की 38 शिक्षण इमारतों को ध्वस्त करने की रामपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई पर अब रोक लगाने का फैसले का स्वागत है।मायावती ने कहा कि वैसे केवल जौहर विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में अगर अन्य और भी शिक्षण संस्थायें हैं जो अपने निर्माण आदि में सरकारी नियमों आदि का सही से अनुपालन नहीं कर पाये हैं, तो उन पर भी बुलडोजर चलाकर तोड़ने की सख़्ती करने के बजाय, सरकार को उन सबको सही व नियमित कराने के सम्बंध में ज़रूरी कार्रवाई करने की नीति अपनानी चाहिये, ताकि वहाँ शिक्षा हासिल करने वाले सभी छात्र-छात्राओं का जीवन किसी भी प्रकार से प्रभावित ना होने पाये। उम्मीद है कि सरकार बी.एस.पी. की इस जनहितैषी सलाह पर ज़रूर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

UP IPS Transfer: यूपी में 15 आईपीएस अफसरों का तबादला!

उत्तर प्रदेश शासन ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 15 IPS अफसरों के तबादले कर दिए हैं. इस फेरबदल में सबसे प्रमुख बदलाव राज्य की राजधानी में देखने को मिला है, जहां तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है.अब तक लखनऊ के पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे अमरेंद्र के. सेंगर को हटाकर पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना/इंटेलिजेंस) की जिम्मेदारी दी गई है, साथ ही उन्हें सुरक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है. बात सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं है, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े जोन भी इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल की चपेट में आए हैं.शासन द्वारा जारी तबादला सूची के अनुसार, तरुण गाबा, जो अब तक अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) के पद पर तैनात थे, अब लखनऊ पुलिस कमिश्नर का पद संभालेंगे. वहीं 1995 बैच के IPS अफसर अमरेंद्र के. सेंगर अब प्रदेश की खुफिया व्यवस्था और सुरक्षा की कमान संभालेंगे.वहीं प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में भी बड़ा बदलाव हुआ है. पीयूष मोर्डिया को वाराणसी जोन के एडीजी पद से हटाकर प्रयागराज का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है. दूसरी ओर, प्रयागराज के निवर्तमान कमिश्नर जोगेंद्र कुमार का तबादला पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (PTS), मुरादाबाद में आईजी पद पर किया गया है