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CITY AVENUE
‘कारवां’ मैगजीन की बढ़ी मुश्किलें: बीफ कारोबार से जोड़ने वाले लेख पर निखिल गडकरी की कंपनी ने ठोका 10 करोड़ का दावा

Nikhil Gadkari Caravan Defamation Suit मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘द कारवां’ मैगजीन के संपादक और पत्रकार को 10 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे में जवाब दाखिल करने का नोटिस जारी किया है।

बीफ कारोबार से जोड़ने पर मुकदमा: Nikhil Gadkari Caravan Defamation Suit याचिका केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बेटे निखिल गडकरी की कंपनी CIAN एग्रो द्वारा दाखिल की गई है। याचिका में मैगजीन में छपे एक लेख को झूठा और मानहानिकारक बताते हुए हटाने की मांग की गई है।

कोर्ट ने जारी किया समन: Nikhil Gadkari Caravan Defamation Suit सुनवाई के दौरान जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने मैगजीन के संपादक पावेश नाथ और पत्रकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। कंपनी का दावा है कि उनका बीफ व्यापार से कोई लेना-देना नहीं है।

मानहानिकारक लेख हटाने की मांग: Nikhil Gadkari Caravan Defamation Suit में निखिल गडकरी ने अंतरिम रोक की मांग की है ताकि इस लेख को आगे साझा करने या प्रकाशित करने से रोका जा सके।

सीएम योगी का बड़ा बयान: 2017 से पहले कांवड़ यात्रा पर थी रोक, हमारी सरकार ने शुरू कराई भव्य परंपरा

सीएम योगी कांवड़ यात्रा बयान ने सियासी माहौल गर्म कर दिया है, जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) पर बड़ा और तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार बनने से पहले प्रदेश में कांवड़ यात्रा निकालने तक पर पाबंदी लगा दी जाती थी।

सपा शासन पर आस्था को दबाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले शिवभक्तों को अपनी धार्मिक यात्रा निकालने के लिए संघर्ष करना पड़ता था। पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान कांवड़ियों पर लाठियां चलाई जाती थीं, उनके डीजे बजाने और शंखनाद करने पर कड़ा पहरा लगा दिया जाता था, जिससे श्रद्धालुओं में डर का माहौल रहता था।

2017 के बाद बदला उत्तर प्रदेश का परिदृश्य और आज स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि हमारी सरकार आने के बाद से कांवड़ यात्रा न केवल सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित हो रही है, बल्कि अब राज्य सरकार के हेलीकॉप्टरों से शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा (फूल बरसाना) की जाती है और उनके सम्मान का पूरा ख्याल रखा जाता है।

आस्था और कानून व्यवस्था के बीच का संतुलन बताते हुए उन्होंने साफ किया कि अब कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे राज्य में शांति बनी रहती है। बीजेपी सरकार ने प्रदेश में सनातन परंपराओं को फिर से उसका खोया हुआ सम्मान लौटाया है और अब कोई भी ताकत धार्मिक आयोजनों में बाधा डालने का दुस्साहस नहीं कर सकती है।

3707 म्यूल खातों पर पुलिस का शिकंजा: लखनऊ में 2222 मोबाइल नंबरों पर साइबर क्रैकडाउन, जानें कैसे हुआ भंडाफोड़

3707 Mule Accounts Under Scrutiny में आने के बाद लखनऊ पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और चौकाने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। जासूसों की तरह बिछाए गए इस नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये उड़ाए जा रहे थे, लेकिन पुलिस की तत्परता ने अपराधियों के होश उड़ा दिए हैं।

म्यूल बैंक खातों का मायाजाल ध्वस्त करते हुए लखनऊ क्राइम ब्रांच और साइबर पुलिस ने पहचाने गए 3707 संदिग्ध खातों में से 3364 खातों को तुरंत फ्रीज करा दिया है। पूर्वी जोन के गोमतीनगर, गुड़ंबा और बक्शी का तालाब क्षेत्रों में सबसे ज्यादा 1425 म्यूल खातों की पहचान की गई। अपर पुलिस उपायुक्त किरन यादव के अनुसार, ठग पीड़ितों से पैसा सीधे अपने पास न मंगाकर इन कमीशन पर लिए गए खातों में ट्रांसफर कराते थे।

डिजिटल अरेस्ट और कॉल सेंटर का खेल बेनकाब करते हुए पुलिस ने बताया कि ग्रामीण इलाकों के लोगों और युवाओं को पैसों का लालच देकर उनके खाते इस्तेमाल किए जा रहे थे। डिजिटल अरेस्ट, पार्ट टाइम जॉब, बिजली बिल और पार्सल में अवैध सामान का डर दिखाकर लोगों को निशाना बनाया जाता था। जांच में 3707 Mule Accounts Under Scrutiny के अलावा 2222 मोबाइल नंबरों में से 1710 और 678 IMEI नंबरों में से 599 को ब्लॉक करवाया जा चुका है।

साइबर सुरक्षा के लिए जारी एडवाइजरी में अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ठगी होते ही तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने दें।

विधानसभा के बाहर छात्र, अंदर विपक्ष: JPSC मुद्दे पर आज सरकार को घेरेगा विपक्ष, जानिए मानसून सत्र का पूरा हाल

Jharkhand Assembly Monsoon Session का आज का दिन बेहद हंगामेदार रहा जहां जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में हुई कथित धांधली ने सदन की कार्यवाही को ठप करने की कगार पर खड़ा कर दिया है। छात्रों के विधानसभा घेराव और विपक्ष के कड़े तेवर ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

विधानसभा परिसर बना एक रणक्षेत्र क्योंकि छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी है। सुरक्षा के भारी इंतजाम के बीच हर कोई यही जानना चाहता है कि क्या जेपीएससी और जेएसएससी के मुद्दे पर कोई ठोस हल निकलेगा या गतिरोध जारी रहेगा।

सदन में बजट और विरोध का दौर जारी है जहां वित्त मंत्री द्वारा अनुपूरक बजट पेश किए जाने के बावजूद मुख्य मुद्दा युवाओं का भविष्य बना हुआ है। विपक्षी दल लगातार सरकार को घेर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ किया गया है।

सियासी तापमान है चरम पर और आने वाले समय में यह सत्र राज्य की राजनीति की दशा और दिशा तय करेगा। सरकार के सामने न केवल बजट पास करवाने की चुनौती है बल्कि विपक्षी हमलों और सड़कों पर उतर आए छात्रों के सवालों का जवाब देना भी एक कठिन परीक्षा है।

Yamuna Water Level: दिल्ली में यमुना खतरे के निशान के पार, हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

Delhi Yamuna Water Level में अचानक आई भयंकर तेजी ने राजधानी दिल्ली में जलप्रलय का भयानक खतरा फिर से महसूस करा दिया है। हरियाणा के हथनीकुंड बैराज से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी का बहाव अत्यंत उग्र और डरावना होता जा रहा है।

Image Caption: दिल्ली में लोहा पुल के पास बढ़ता यमुना नदी का जलस्तर।

लोहा पुल के पास डरावनी स्थिति: Delhi Yamuna Water Level शनिवार की रात पुराना लोहा पुल के पास 204.09 मीटर के आंकड़े तक पहुंच गया। शुक्रवार को नदी का स्तर 203.05 मीटर दर्ज किया गया था, जिसका अर्थ है कि बीते 24 घंटों में जलस्तर में लगभग एक मीटर की बड़ी उछाल दर्ज की गई है।

हथनीकुंड बैराज से पानी का भारी रिसाव: Delhi Yamuna Water Level में इस वृद्धि की मुख्य वजह बृहस्पतिवार और शुक्रवार को हथनीकुंड से छोड़ा गया अत्यधिक पानी है। बृहस्पतिवार को 20 हजार से 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो शुक्रवार दोपहर बढ़कर 43 हजार क्यूसेक के स्तर तक पहुंच गया था।

चेतावनी और खतरे के निशान से दूरी: Delhi Yamuna Water Level अभी चेतावनी के निशान 204.5 मीटर से थोड़ा नीचे है, जबकि 205.33 मीटर खतरे का निशान माना जाता है। शनिवार को हथनीकुंड से पानी का डिस्चार्ज घटकर 13 हजार क्यूसेक रहने से प्रशासन और तटीय इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है।

UPI Transactions Free: ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर लगेगा चार्ज? सरकार ने दूर की करोड़ों ग्राहकों और छोटे दुकानदारों की बड़ी भ्रम की स्थिति!

UPI Transactions Free: सरकार का बड़ा फैसला

डिजिटल दुनिया में अचानक फैली सनसनी: UPI Transactions Free रहेंगे या हर पेमेंट पर कटेगा आपका पैसा, इस सवाल ने पूरे देश के आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों की नींद उड़ा दी थी। लोकसभा में टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पास होते ही सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की अफवाहें तेजी से फैलने लगीं।

वित्त मंत्रालय की सीधी और कड़ी सफाई: UPI Transactions Free रखने को लेकर वित्त मंत्रालय ने तुरंत एक आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया कि आम उपभोक्ताओं के लिए पर्सन-टू-पर्सन (P2P) पेमेंट पहले की तरह पूरी तरह से निशुल्क ही रहेंगे।

MDR और 2,000 रुपये का असली गणित: UPI Transactions Free रहने की गारंटी के बीच मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर नए प्रावधान सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, केवल 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा व्यावसायिक ट्रांजैक्शन पर बैंकों को 0.25% से 0.4% तक का सीमित MDR लगाने की अनुमति दी जा सकती है।

रोजमर्रा की खरीदारी पर नहीं होगा असर: UPI Transactions Free रहने की वजह से दूध, सब्जी, किराना सामान या ऑटो और टैक्सी के किराए जैसे आम भुगतानों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। सरकार ने साफ किया है कि आम जनता के दैनिक खर्च इस बदलाव से पूरी तरह सुरक्षित और अप्रभावित रहने वाले हैं।

सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बदलाव जरूरी: UPI Transactions Free मॉडल को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने के लिए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A में संशोधन किया गया है। NPCI की स्टीयरिंग कमिटी यह तय करेगी कि भविष्य में कौन से बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन इस मामूली शुल्क के दायरे में आएंगे।

लखनऊ में थमेगा झमाझम बारिश का दौर: शनिवार से लखनऊ और पूर्वी यूपी में कमजोर पड़ेगा मानसून, सिर्फ बूंदाबांदी के आसार।

Lucknow Rain UP Weather के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में पिछले दो हफ्तों से जारी मूसलाधार बारिश का दौर अब सुस्त पड़ने लगा है। शनिवार से प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी देखने को मिलेगी। हालांकि दक्षिणी जिलों में मानसूनी हवाओं की सक्रियता लगातार बनी हुई है।

राजधानी लखनऊ में हल्की बूंदाबांदी के आसार उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को केवल हल्की बूंदाबांदी होने का अनुमान मौसम विभाग ने जताया है। शुक्रवार को यहां का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर में सोमवार को एक बार फिर मध्यम से भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

दक्षिणी उत्तर प्रदेश में जारी रहेगा मानसून Lucknow Rain UP Weather की स्थिति में बदलाव के बीच मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मध्य क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण का असर मुख्य रूप से सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली जैसे दक्षिणी जिलों में दिखेगा। इन क्षेत्रों में आने वाले दो से तीन दिनों तक मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय रहेंगी।

विगत 24 घंटों के बारिश के आंकड़े पिछले 24 घंटों के दौरान संभल में सबसे ज्यादा 134 मिमी और बुलंदशहर में 110.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हमीरपुर में भी 93 मिमी बारिश हुई है। प्रदेश के लगभग 45 जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग का आगामी पूर्वानुमान वरिष्ठ मौसम विज्ञानियों के अनुसार उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में मानसून का असर धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। Lucknow Rain UP Weather में राहत के बावजूद लगभग 50 जिलों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है।

UP Universities Daily Drug Pledge: हॉस्टल व कैंटीन में सख्त चेकिंग का आदेश

UP Universities Daily Drug Pledge की शुरुआत पूरे प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में होने जा रही है, जिससे युवाओं को नशे की बुरी लत से बचाकर राष्ट्र निर्माण से जोड़ा जा सके।

हर कार्यदिवस होगी 2 मिनट की शपथ: योगी सरकार के निर्देशानुसार राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होने से पहले छात्रों को अनिवार्य रूप से UP Universities Daily Drug Pledge दिलाई जाएगी।

हॉस्टल और कैंटीन पर सख्त पहरा: उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में फैसला लिया गया कि परिसरों के अंदर हॉस्टलों, कैंटीनों और कूरियर से आने वाले ऑनलाइन डिलीवरी पार्सलों की कड़ी चेकिंग की जाएगी।

क्लास में 10 मिनट का विशेष संवाद: शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे सप्ताह में कम से कम एक बार कक्षा के अंतिम 10 मिनट नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा करें और प्रभावित छात्रों की काउंसलिंग कर अभिभावकों से संपर्क करें।

5 जोनों में बंटा उत्तर प्रदेश: अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए पूरे राज्य को 5 जोनों में विभाजित किया गया है, जबकि संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

OP Rajbhar Slams SP: राजभर का सपा पर तीखा प्रहार

OP Rajbhar Slams SP की गूंज अम्बेडकरनगर के राजनीतिक गलियारों में सुनाई दी, जहां सुभासपा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला।

नौकरियों की खरीद-फरोख्त पर करारा प्रहार: अम्बेडकरनगर में 706 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान OP Rajbhar Slams SP करते हुए उन्होंने कहा कि सपा शासन में सरकारी नौकरियां बेची जाती थीं और परीक्षाओं में धड़ल्ले से नकल कराई जाती थी।

पेपर लीक के आरोपों का दिया जवाब: पेपर लीक के मुद्दों पर सपा को घेरते हुए मंत्री राजभर ने पलटवार किया और कहा कि जिनकी खुद की सरकार के दौर में विद्यार्थी खेतों में बैठकर कॉपियां हल करते थे, वे आज ईमानदारी का ढोंग रच रहे हैं।

योगी सरकार की उपलब्धियों का किया बखान: OP Rajbhar Slams SP के इस राजनीतिक मंच से उन्होंने योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने बिना एक रुपये की रिश्वत के 9 लाख से अधिक युवाओं को निष्पक्ष तरीके से सरकारी नौकरियां दी हैं।

कानून-व्यवस्था और दंगों पर घेरा: सुभासपा नेता ने जोर देकर कहा कि सपा के 5 साल के कार्यकाल में 1000 से अधिक दंगे हुए थे, जबकि योगी सरकार के 9 वर्षों में एक भी दंगा नहीं हुआ और प्रदेश में सख्त कानून-व्यवस्था लागू है।

LPG EKYC Deadline Alert: 16 अगस्त से पहले निपटा लें बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण, वरना बंद होगी सब्सिडी और रुक जाएगी सिलेंडर बुकिंग

उपभोक्ताओं के सिर पर मंडराया संकट

LPG eKYC Deadline Alert के तहत रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने देश के करोड़ों एलपीजी कार्डधारकों की नींद उड़ा दी है। अगर आपने 16 अगस्त 2026 की निर्धारित समय-सीमा खत्म होने से पहले अपना बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण पूरा नहीं कराया, तो आपकी गैस सब्सिडी हमेशा के लिए रुक जाएगी और सिलेंडर बुकिंग की सुविधा भी पूरी तरह ठप हो सकती है।

LPG eKYC Deadline Alert का पूरा सच

रुक जाएगी रसोई की सब्सिडी

तेल विपणन कंपनियों ने फर्जी खातों और अवैध कनेक्शनों पर नकेल कसने के लिए यह बेहद सख्त और अंतिम कदम उठाया है। LPG eKYC Deadline Alert के स्पष्ट नियमों के अनुसार जो उपभोक्ता तय तारीख तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनके बैंक खाते में आने वाली सरकारी सब्सिडी की राशि तत्काल प्रभाव से रोक दी जाएगी।

सिलेंडर बुकिंग पर भी लगेगा ताला

बात सिर्फ सरकारी पैसे के रुकने तक सीमित नहीं है, बल्कि डेडलाइन पार होने के बाद संबंधित उपभोक्ता का कनेक्शन तक अस्थायी रूप से सस्पेंड किया जा सकता है। LPG eKYC Deadline Alert की चेतावनी के मुताबिक प्रमाणीकरण न होने की स्थिति में आप अपनी संबंधित गैस एजेंसी या ऑनलाइन ऐप के जरिए नया रसोई सिलेंडर भी बुक नहीं कर पाएंगे।

घर बैठे ऑनलाइन पूरी करें प्रक्रिया

इस बड़ी परेशानी से बचने के लिए इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के उपभोक्ता अपनी संबंधित कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। LPG eKYC Deadline Alert से बचने के लिए ऐप में आधार नंबर दर्ज करके चेहरा पहचान प्रणाली या मोबाइल ओटीपी के जरिए महज दो मिनट में अपनी बायोमीट्रिक केवाईसी दर्ज कराएं।

एजेंसी जाकर तुरंत कराएं सत्यापन

जो उपभोक्ता स्मार्टफोन का उपयोग करने में असमर्थ हैं, वे अपनी गैस एजेंसी के वितरक केंद्र पर जाकर फिंगरप्रिंट मशीन के जरिए सत्यापन करा सकते हैं। LPG eKYC Deadline Alert से संबंधित किसी भी अनहोनी या रुकावट से बचने के लिए समय रहते अपना आधार कार्ड और गैस पासबुक लेकर तुरंत नजदीकी केंद्र पर संपर्क करें।