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CITY AVENUE
बेटे ने ईंट से कूंचकर की मां की हत्या, बीच-बचाव करने आई बहन को पीटा,पुलिस ने हिरासत में लिया!

Farrukhabad News : फर्रुखाबाद जिले में शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव खुड़ना वैध में बुधवार सुबह मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे एक युवक ने ईंट से सिर कुचलकर अपनी मां की निर्मम हत्या कर दी। वहीं, बीच-बचाव करने आई बहन को भी पीट दिया। बुधवार सुबह एक दर्दनाक घटना हुई है। यहां मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे एक बेटे ने ईंट से कूंचकर अपनी ही मां की जान ले ली। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए हत्यारोपी को मौके पर ही दबोच लिया।जानकारी के मुताबिक, खुड़ना वैध गांव निवासी स्वर्गीय रामदुलारे राठौर की पत्नी मुन्नी देवी पर बुधवार सुबह उनके पुत्र पंकज राठौर ने अचानक हमला बोल दिया। पंकज ने ईंट से सिर कुचलकर अपनी मां मुन्नी देवी की निर्मम हत्या कर दी। जब उसकी बहन सुषमा ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसके साथ भी मारपीट की।वारदात के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर दौड़े आए आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत साहस दिखाते हुए हत्यारोपी पुत्र पंकज को घेरकर पकड़ लिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने उसकी जमकर पिटाई की और फिर हाथ-पैर बांधकर मौके पर पहुंची पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों से पंकज की मानसिक स्थिति ठीक नहीं चल रही थी। उसका शहर के नेकपुर स्थित एक मनोरोग चिकित्सक से इलाज भी चल रहा था।

Lok Sabha : पेपर लीक और युवाओं के भविष्य को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त जुबानी जंग,अनुराग ठाकुर ने सपा,कांग्रेस पर साधा निशाना!

Anurag Thakur Speaks at Lok Sabha : संसद के पटल पर पेपर लीक और युवाओं के भविष्य को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त जुबानी जंग देखने को मिली. पूर्व केंद्रीय मंत्री व बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग आज सड़कों पर उतरकर आंदोलन की बात कर रहे हैं, उन्होंने खुद अपने शासनकाल में उत्तर प्रदेश को ‘नकल प्रदेश’ और ‘पेपर लीक प्रदेश’ बना दिया था. मुहावरे का इस्तेमाल करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल और अखिलेश की स्थिति खुद मियां फजीहत, दूसरों को नसीहत जैसी है. इस दौरान सपा सांसद आनंद भदौरिया समेत विपक्षी नेताओं के हंगामे और तीखी टोका-टोकी के बीच बीजेपी सांसद ने पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान हुए आधा दर्जन से अधिक पेपर लीक और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की विवादित भर्तियों का ब्यौरा सदन में रखा.
पेपर लीक पर सियासत पिछले कई हफ्तों से चल रही है. लेकिन मंगलवार को लोकसभा में जो नजारा दिखा, उसने बहस को नया मोड़ दे दिया. पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोला. उन्होंने एक-एक कर सालों पुराने पेपर लीक मामलों का जिक्र किया और हर घटना के बाद सवाल पूछा, ‘सरकार किसकी थी?’ इस दौरान सत्ता पक्ष की बेंचों से बार-बार आवाज आई, ‘कांग्रेस… कांग्रेस…’. उनका यह भाषण सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया. भाजपा ने इसे विपक्ष की जवाबदेही का सवाल बताया, जबकि विपक्ष सरकार को मौजूदा पेपर लीक मामलों पर घेरता रहा.
लोकसभा में अनुराग ठाकुर ने अपने भाषण में दावा किया कि देश में नकल और पेपर लीक के खिलाफ सबसे पहले सख्त कानून भाजपा सरकारों ने बनाए. उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि कल्याण सिंह सरकार के समय तत्कालीन शिक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नकल विरोधी कानून लेकर आए थे. साथ ही उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर भी कटाक्ष किया. अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में सीबीएसई, एआईपीएमटी, एम्स, रेलवे, एसएससी, मेडिकल और अन्य कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं हुईं. उनका दावा था कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान पांच सालों में 19 परीक्षाओं में से 17 के पेपर लीक हुए. हालांकि इन दावों पर विपक्ष की ओर से भी असहमति जताई गई और सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली.

गाजीपुर में सीएम 92 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास!

Ghazipur News : गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में 30 जुलाई को विकास का बड़ा अध्याय लिखे जाने जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 9 बजे कृषि मंडी परिसर पहुंचेंगे, जहां करीब 692 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. बीजेपी युवा नेता पियूष राय ने इसे विकास का महाकुंभ बताते हुए क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की है. उन्होंने कहा कि योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति ने माफिया राज को खत्म किया है और अब मोहम्मदाबाद विकास की नई पहचान बनने जा रहा है. 30 जुलाई से सावन माह की शुरुआत के साथ ही गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगमन प्रस्तावित है. सुबह 9 बजे कृषि मंडी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री करीब 692 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे.

जौहर यूनिवर्सिटी ध्वस्तीकरण मामला, इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई!

Mohammad Azam Khan Jauhar University: उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर चर्चा में हैं. बता दे कि रामपुर स्थित उनकी मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर मंडरा रहे ध्वस्तीकरण के खतरे के खिलाफ मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है. मौलाना अली जौहर ट्रस्ट ने रामपुर विकास प्राधिकरण के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की है, जिस पर आज यानी बुधवार, 29 जुलाई 2026 सुनवाई होनी है.रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में बने 38 भवनों को अवैध घोषित किया है. प्राधिकरण का कहना है कि इन इमारतों का निर्माण बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के किया गया है. इसी आधार पर 15 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था. प्राधिकरण ने ट्रस्ट को 20 दिन के भीतर खुद ही अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया था और चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने पर RDA खुद कार्रवाई करेगा और उसका खर्च भी ट्रस्ट से वसूला जाएगा.

ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर ऐसा तंज,इस्तीफे को दे दिया जातीय रंग! पूछ लिया इस सवाल का जवाब!

NEET परीक्षा विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति लगातार गर्म है। अब इस मुद्दे ने उत्तर प्रदेश की सियासत में भी नई बहस छेड़ दी है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए जातीय राजनीति का सवाल उठाया है। आखिर क्या कहा ओम प्रकाश राजभर ने और क्यों तेज हो गई राजनीतिक बयानबाज़ी? NEET परीक्षा विवाद के बाद देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर रहा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाता रहा।इसी राजनीतिक माहौल के बीच उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का एक बयान चर्चा में आ गया है।राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से सवाल पूछा। उन्होंने लिखा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान किसी दूसरी जाति से होते, तो क्या तब भी अखिलेश यादव उनके इस्तीफे की मांग करते?राजभर ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि इस सवाल का जवाब केवल राजनीतिक दलों को ही नहीं, बल्कि जनता को भी मिलना चाहिए। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरणों और विपक्ष की रणनीति को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी लगातार छात्रों के मुद्दों को उठाती रही है। पार्टी का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है। अखिलेश यादव सहित पार्टी के कई नेताओं ने NEET विवाद और छात्रों के आंदोलन को संसद से लेकर सड़क तक उठाया है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दे अब धीरे-धीरे चुनावी विमर्श का हिस्सा बनते जा रहे हैं। ऐसे में अलग-अलग दल इन मुद्दों को अपने-अपने राजनीतिक नजरिए से जनता के सामने रख रहे हैं।फिलहाल, ओम प्रकाश राजभर के बयान पर समाजवादी पार्टी की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।NEET विवाद से शुरू हुई बहस अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। एक तरफ छात्र और परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ नेताओं के बीच तीखी बयानबाज़ी भी जारी है।

लोकसभा में दहाड़े अखिलेश! बोले जो चढ़ावा नहीं बचा सके, वो पेपर लीक कैसे बचाएंगे ?

नई दिल्ली: लोकसभा में मंगलवार को पेपर लीक बिल पर चर्चा में सपा प्रमुख अखिलेश ने भी हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कहा कि ‘प्रधान जी को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया’. अखिलेश ने कहा कि बीजेपी सरकार वचन नहीं जुमले देती है. सपा प्रमुख ने साथ ही तंज कसते हुए कहा, जो चढ़ावा नहीं बचा सके, वो पेपर लीक कैसे बचाएंगे. लोकसभा में पेपर लीक विरोधी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कहा कि एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया। उन्होंने इसे नीट-यूजी 2026 विवाद और छात्र आंदोलन से जोड़ते हुए कई सवाल उठाए।अखिलेश यादव ने कहा कि वह शुरू से इस आंदोलन को देख रहे थे। उनके मुताबिक, आंदोलन के बाद एक नारा सबसे ज्यादा सुनाई दिया कि सरकार को लगता था वह कभी नहीं झुकेगी, लेकिन युवाओं ने साबित कर दिया कि झुकाने वाला चाहिए, सरकार भी झुकती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों की पहली बड़ी मांग स्वीकार करते हुए धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने अन्य मांगों पर भी सहमति बनाई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि उन आश्वासनों को संसद के सामने क्यों नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब धर्मेंद्र प्रधान मंत्री पद छोड़ने के बाद संसद पहुंचे तो उनका स्वागत हुआ, लेकिन इस फैसले से सदन के कई सदस्यों ने राहत की सांस ली होगी।

जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर एक्शन रुकते ही आया बसपा सुप्रीमो मायावती का बयान- ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक का फैसला उचित!

लखनऊ : बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की इमारतों के ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक का स्वागत किया है। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में बुलडोजर चलाने के बजाय संस्थानों को नियमित कराने की नीति अपनाने की मांग की है।बसपा प्रमुख ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, रामपुर में सपा नेता मोहम्मद आजम खान के पारिवारिक ट्रस्ट द्वारा स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय की 38 शिक्षण इमारतों को ध्वस्त करने की रामपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई पर अब रोक लगाने का फैसले का स्वागत है।मायावती ने कहा कि वैसे केवल जौहर विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में अगर अन्य और भी शिक्षण संस्थायें हैं जो अपने निर्माण आदि में सरकारी नियमों आदि का सही से अनुपालन नहीं कर पाये हैं, तो उन पर भी बुलडोजर चलाकर तोड़ने की सख़्ती करने के बजाय, सरकार को उन सबको सही व नियमित कराने के सम्बंध में ज़रूरी कार्रवाई करने की नीति अपनानी चाहिये, ताकि वहाँ शिक्षा हासिल करने वाले सभी छात्र-छात्राओं का जीवन किसी भी प्रकार से प्रभावित ना होने पाये। उम्मीद है कि सरकार बी.एस.पी. की इस जनहितैषी सलाह पर ज़रूर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

UP IPS Transfer: यूपी में 15 आईपीएस अफसरों का तबादला!

उत्तर प्रदेश शासन ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 15 IPS अफसरों के तबादले कर दिए हैं. इस फेरबदल में सबसे प्रमुख बदलाव राज्य की राजधानी में देखने को मिला है, जहां तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है.अब तक लखनऊ के पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे अमरेंद्र के. सेंगर को हटाकर पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना/इंटेलिजेंस) की जिम्मेदारी दी गई है, साथ ही उन्हें सुरक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है. बात सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं है, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े जोन भी इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल की चपेट में आए हैं.शासन द्वारा जारी तबादला सूची के अनुसार, तरुण गाबा, जो अब तक अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) के पद पर तैनात थे, अब लखनऊ पुलिस कमिश्नर का पद संभालेंगे. वहीं 1995 बैच के IPS अफसर अमरेंद्र के. सेंगर अब प्रदेश की खुफिया व्यवस्था और सुरक्षा की कमान संभालेंगे.वहीं प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में भी बड़ा बदलाव हुआ है. पीयूष मोर्डिया को वाराणसी जोन के एडीजी पद से हटाकर प्रयागराज का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है. दूसरी ओर, प्रयागराज के निवर्तमान कमिश्नर जोगेंद्र कुमार का तबादला पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (PTS), मुरादाबाद में आईजी पद पर किया गया है

आधार पर नया घमासान: क्या तय होगी उम्र की सीमा?

Aadhaar Card Age Limit Debate ने एक बार फिर देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर एक ताजा जनहित याचिका में यह मांग की गई है कि नया आधार कार्ड जारी करने के लिए एक निश्चित आयु सीमा तय की जानी चाहिए। याचिकाकर्ता के अनुसार, अब समय आ गया है कि वयस्कों के लिए आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सख्त बनाया जाए।

घुसपैठियों पर लगाम और सुरक्षा की चिंता वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर इस याचिका में Aadhaar Card Age Limit Debate को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा गया है। उनका तर्क है कि मौजूदा ढीली व्यवस्था का फायदा उठाकर विदेशी घुसपैठिये आसानी से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार बनवा रहे हैं। इसके जरिए वे राशन कार्ड और वोटर आईडी जैसे अहम दस्तावेज हासिल कर खुद को भारतीय नागरिक साबित करने की कोशिश करते हैं, जो देश के लिए बड़ा खतरा है।

सिर्फ 6 साल तक के बच्चों को मिले आसानी से आधार याचिका में सुझाव दिया गया है कि नया आधार कार्ड केवल 6 साल तक के बच्चों को ही मिलना चाहिए। Aadhaar Card Age Limit Debate का मुख्य बिंदु यह है कि यदि कोई वयस्क नया आधार कार्ड बनवाना चाहता है, तो उसका सत्यापन एसडीएम या तहसीलदार स्तर के अधिकारियों द्वारा ही किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता का मानना है कि चूंकि देश में 144 करोड़ से ज्यादा आधार पहले ही बन चुके हैं, इसलिए नियमों को कड़ा करने से असली नागरिकों को कोई परेशानी नहीं होगी।

फर्जी आधार और नागरिकता का भ्रम कोर्ट से यह भी मांग की गई है कि आधार केंद्रों पर बड़े बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर साफ लिखा हो कि आधार केवल \’पहचान का प्रमाण\’ है, नागरिकता का नहीं। Aadhaar Card Age Limit Debate के तहत यह मांग उठाई गई है कि फर्जी दस्तावेजों से आधार कार्ड बनवाने वालों के खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान हो। इस याचिका में यूआईडीएआई (UIDAI) के साथ-साथ गृह मंत्रालय और आईटी मंत्रालय को भी पक्षकार बनाया गया है।

संकट में अवसर: भारतीय अर्थव्यवस्था की नई उड़ान

Shaktikanta Das Indian Economy को लेकर एक ऐसा विजन पेश किया है जिसने दुनिया भर के अर्थशास्त्रियों का ध्यान खींचा है। एआईएमए (AIMA) लीडरशिप कॉनक्लेव में बोलते हुए प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि भारत ने न केवल वैश्विक संकटों का सामना किया है, बल्कि हर मुश्किल दौर से वह पहले से कहीं अधिक मजबूत होकर उभरा है।

अस्थिर दुनिया में भारत का मज़बूत प्रदर्शन दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन की बाधाओं के बावजूद, Shaktikanta Das Indian Economy की स्थिरता पर भरोसा जताया है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2026 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रही है। पिछले पांच वर्षों की औसत वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय बाजार का आधार बहुत गहरा और मजबूत है।

नीतियों की निरंतरता और बुनियादी ढांचे का विकास Shaktikanta Das Indian Economy की सफलता के पीछे ठोस नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित विकास को मुख्य कारण मानते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महंगाई पर नियंत्रण रखना सरकार की प्राथमिकता है, क्योंकि महंगाई कम होने से आम आदमी की क्रय शक्ति बढ़ती है। जब घरेलू मांग मजबूत होती है, तो बाहरी झटकों का अर्थव्यवस्था पर असर कम हो जाता है।

वैश्विक मंच पर भारत की बदलती तस्वीर अंत में, Shaktikanta Das Indian Economy के परिवर्तनकारी दौर का जिक्र करते हुए बोले कि भारत अब केवल बर्दाश्त करने वाला देश नहीं, बल्कि खुद को बदलने वाला देश बन गया है। कूटनीति और निर्णायक कदमों के दम पर भारत ने साबित कर दिया है कि वह ऊर्जा संकट और आर्थिक जोखिमों के बीच भी अपना रास्ता बनाना जानता है। आने वाले समय में यह लचीलापन भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।