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CITY AVENUE
Gaya Murder Mystery: रक्षाबंधन पर घर लौटे पिता की हत्या, बेटे ने कबूला राज, जंगल से बंधा शव बरामद

Gaya Murder Mystery से उठे रहस्य के पर्दे ने पूरे बाराचट्टी क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। 28 अगस्त को बहन से राखी बंधवाकर वापस लौटे 40 वर्षीय मेघन सिंह भोक्ता अचानक गायब हो गए थे। परिजनों ने मामले को छुपाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों के संदेह ने इस खौफनाक वारदात की पूरी सच्चाई सामने ला दी।

रहस्यमयी तरीके से गायब हुए व्यक्ति की मौत का सच रक्षाबंधन के दिन राजपुर थाना क्षेत्र के बाघमरी गांव से अपने घर बुमेर लौट रहे मेघन सिंह अचानक लापता हो गए। कुछ समय बाद उनकी मौत की खबर आई, लेकिन परिजनों ने रिश्तेदारों और ग्रामीणों से इस बात को पूरी तरह गुप्त रखा। इस संदिग्ध आचरण ने गांव के लोगों के मन में गहरा शक पैदा कर दिया।

पंचायत के दौरान बेटे का हैरान कर देने वाला खुलासा संदेह बढ़ने पर 3 सितंबर को बुमेर गांव में एक आपातकालीन पंचायत बुलाई गई। ग्रामीणों के कड़े सवालों के आगे घबराकर मृतक के बड़े पुत्र ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने माना कि पिता की हत्या के बाद शव को गांव से 8 किलोमीटर दूर एक घने जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया था।

जंगल के गड्ढे से हाथ बंधा शव हुआ बरामद बेटे के खुलासे के बाद मृतक के भाई नेमधारी सिंह भोक्ता और अन्य ग्रामीण जंगल की ओर रवाना हुए। Gaya Murder Mystery की छानबीन करते हुए जब ग्रामीणों ने गड्ढा खोदा, तो वहां से तेज दुर्गंध के साथ मेघन सिंह का शव बरामद हुआ। शव के दोनों हाथ पीछे की ओर कपड़े से कसकर बंधे हुए थे, जो हत्या की ओर स्पष्ट इशारा कर रहे थे।

पुलिस की देरी और ग्रामीणों की निष्पक्ष जांच की मांग ग्रामीणों ने शव को वापस घर लाकर पुलिस को सूचित किया। हालांकि देर रात तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, जिसके बाद प्रतिनिधियों के हस्तक्षेप पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि अगर मृत्यु बीमारी से हुई थी, तो Gaya Murder Mystery में शव को 8 किलोमीटर दूर जंगल में दफनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी?