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CITY AVENUE
BJP UP Rajya Sabha के 8 उम्मीदवारों में OBC, दलित, ब्राह्मण, ठाकुर और महिला चेहरों का संतुलन

BJP UP Rajya Sabha चुनाव के लिए घोषित 8 नामों ने अचानक 2027 की सियासी रणनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए आठ प्रत्याशियों का ऐलान किया है।

BJP UP Rajya Sabha में सामाजिक संतुलन: भाजपा की सूची में ओबीसी, दलित, ब्राह्मण, ठाकुर और महिला चेहरों को जगह दी गई है। पार्टी ने संगठन में सक्रिय नेताओं को भी राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।

8 उम्मीदवारों के नाम: भाजपा ने धर्मपाल सिंह लोधी, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को प्रत्याशी बनाया है।

गैर-यादव OBC पर फोकस: धर्मपाल सिंह और प्रकाश पाल के जरिए भाजपा ने गैर-यादव पिछड़े वर्ग को राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। प्रकाश पाल भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं, जबकि धर्मपाल सिंह संगठन और सरकार में सक्रिय रहे हैं।

श्रुति गंगवार का चयन: श्रुति गंगवार के जरिए भाजपा ने महिला प्रतिनिधित्व, नई पीढ़ी और कुर्मी समाज को एक साथ साधने की कोशिश की है। उनका नाम बरेली-रुहेलखंड के क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दलित प्रतिनिधित्व भी मजबूत: प्रियंका सिंह रावत और विद्यासागर सोनकर को सूची में शामिल कर भाजपा ने दलित समाज को भी प्रतिनिधित्व दिया है। प्रियंका रावत पासी समाज से आती हैं और बाराबंकी क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पहचान रही है।

ब्राह्मण और ठाकुर समीकरण: राधाकांत ओझा और गोपी कृष्ण पांडेय के जरिए ब्राह्मण समाज को प्रतिनिधित्व मिला है। वहीं राम प्रताप सिंह चौहान के नाम से ठाकुर समाज को भी सूची में जगह दी गई है।

2027 की रणनीति पर नजर: BJP UP Rajya Sabha की यह सूची सिर्फ राज्यसभा चुनाव तक सीमित नहीं मानी जा रही। Jagran की रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच पार्टी का व्यापक राजनीतिक गठबंधन बनाए रखना 2027 के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक लक्ष्य है।

आठवीं सीट बनेगी परीक्षा: राज्यसभा चुनाव में भाजपा सात सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में है, जबकि आठवीं सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी। इसलिए अब आठवीं सीट को लेकर राजनीतिक मुकाबला अहम माना जा रहा है।

SIR और Form 6 पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, EC को नोटिस

SIR और Form 6 को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती ने चुनावी प्रक्रिया पर नया सवाल खड़ा कर दिया है। अदालत ने निर्वाचन आयोग, केंद्र सरकार और चुनाव आयुक्तों से जवाब मांगा है कि आखिर मतदाता पंजीकरण के फॉर्म-6 में बदलाव किस प्रक्रिया के तहत किया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने EC से मांगा जवाब: मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने फॉर्म-6 में किए गए बदलाव और SIR यानी Special Intensive Revision प्रक्रिया से जुड़े विवाद पर चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है। अदालत यह देखेगी कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना फॉर्म में बदलाव किया गया था या नहीं।

SIR और Form 6 पर क्या है विवाद: नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 के ऑनलाइन संस्करण में SIR से जुड़ा अतिरिक्त घोषणा खंड जोड़े जाने को लेकर विवाद हुआ था। इसमें आवेदक से उसके या उसके माता-पिता के पुराने SIR रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी।

दो चुनाव आयुक्तों ने जताई थी आपत्ति: चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका तर्क था कि यह एक वैधानिक फॉर्म है और इसमें प्रभावी बदलाव के लिए Registration of Electors Rules, 1960 में निर्धारित प्रक्रिया के तहत संशोधन जरूरी हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी से किया इनकार: सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने संशोधित फॉर्म-6 को मंजूरी नहीं दी है। अदालत ने रिकॉर्ड आने के बाद यह देखने की बात कही कि फॉर्म में बदलाव किसने और किस प्रक्रिया के तहत किया।

CEC ज्ञानेश कुमार को राहत: याचिकाकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग भी की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस मांग को खारिज कर दिया। हालांकि, अदालत ने चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया और SIR से जुड़े आरोपों पर जवाब मांगा है।

आयोग के भीतर मतभेद भी चर्चा में: SIR से जुड़े फैसलों को लेकर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से कई आपत्तियां दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इससे चुनाव आयोग में निर्णय लेने की प्रक्रिया और सामूहिक सहमति को लेकर सवाल और गहरे हुए।

अब आगे क्या होगा: सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को अपने पक्ष में जवाब देना होगा। इसके बाद अदालत रिकॉर्ड और प्रक्रिया की वैधानिकता की जांच करेगी। ऐसे में SIR और Form 6 से जुड़ी अगली सुनवाई पर सभी की नजर रहेगी।

INDI Alliance Meeting: EVM को छोड़ बैलेट पेपर पर हो चुनाव, खरगे की 5 बड़ी मांगों से सियासी हलचल तेज

INDI Alliance Meeting की गर्माहट के बीच राजनीति का पारा एक बार फिर चढ़ गया है, जब नई दिल्ली में विपक्ष के शीर्ष नेताओं की एक हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई गई। इस महत्वपूर्ण मंथन में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर कई बड़े और चौंकाने वाले सवाल खड़े किए गए हैं।

मल्लिकार्जुन खरगे ने रखी पांच प्रमुख मांगें

INDI Alliance Meeting के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM को पूरी तरह खारिज करने की मांग उठाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश को वापस बैलेट पेपर से मतदान प्रणाली पर लौट जाना चाहिए ताकि चुनाव में जनता का भरोसा पूरी तरह बहाल हो सके।

SIR प्रक्रिया और वोटर लिस्ट पर घमासान

INDI Alliance Meeting में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ संयुक्त आंदोलन की पूरी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। विपक्षी दलों ने यह भी मांग रखी कि भविष्य के हर चुनाव में SIR प्रक्रिया से ठीक पहले वाली मूल मतदाता सूची का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

विपक्ष के बड़े दिग्गज रहे बैठक में मौजूद

INDI Alliance Meeting में कांग्रेस अध्यक्ष के अलावा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। सभी नेताओं ने मिलकर चुनावी संस्थाओं की जवाबदेही पर गंभीर चिंता जताई है।

Namo Bharat Trip Pass: दैनिक यात्रियों के लिए बड़ी राहत, नमो भारत ने लॉन्च किया नया ‘ट्रिप पास’ जिससे सफर होगा सस्ता और आसान

Namo Bharat Trip Pass की शुरुआत के साथ ही दिल्ली-एनसीआर के लाखों दैनिक यात्रियों के लिए सफर करना पहले से कहीं ज्यादा सुगम और किफायती हो गया है। रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का संचालन करने वाली एजेंसी ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा कदम उठाया है।

रोजाना सफर करने वालों को मिलेगी राहत Namo Bharat Trip Pass की मदद से अब रोजाना ऑफिस या कॉलेज आने-जाने वाले यात्रियों को हर दिन टिकट खरीदने की लंबी लाइनों से मुक्ति मिल जाएगी। यह नई सुविधा बिल्कुल एक बल्क ट्रेवल पास की तरह काम करती है, जिससे पैसेंजर्स एक साथ कई यात्राओं के लिए बुकिंग कर सकते हैं।

समय और पैसे दोनों की होगी बचत Namo Bharat Trip Pass के जरिए यात्रियों को निश्चित रूट और स्टेशनों के बीच यात्रा करने पर विशेष सुविधा और वित्तीय लाभ दोनों मिलेंगे। अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल टिकटिंग प्रक्रिया तेज होगी बल्कि नियमित कम्यूटर्स का सफर भी बेहद आसान हो जाएगा।

डिजिटल टिकटिंग व्यवस्था को बढ़ावा Namo Bharat Trip Pass इस आधुनिक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर सफर करने वाले लोगों के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव साबित हो रहा है। प्रशासन का उद्देश्य यात्रियों को विश्व स्तर की सुविधाएं प्रदान करना और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रति लोगों के रुझान को और अधिक बढ़ाना है।

Congress CWC Meeting: CWC की बैठक में नीतीश कुमार का जिक्र करने पर भड़कीं सोनिया गांधी, दिग्विजय सिंह को बीच में रोका और दिया कड़ा जवाब

Congress CWC Meeting के बंद कमरे के भीतर एक तीखी और चौंकाने वाली बहस की खबर सामने आ रही है, जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। पार्टी की उच्च स्तरीय बैठक के दौरान वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई इस तीखी नोकझोक ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

दिग्विजय सिंह ने उठाया नीतीश कुमार का मुद्दा Congress CWC Meeting में उस वक्त अप्रत्याशित माहौल बन गया जब वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने विपक्षी गठबंधन और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र छेड़ दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि पार्टी को गठबंधन से उनके जाने की परिस्थितियों पर गहराई से मंथन करना चाहिए था।

सोनिया गांधी की दो टूक और तीखी प्रतिक्रिया Congress CWC Meeting की इस चर्चा के बीच पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तत्काल दखल देते हुए दिग्विजय सिंह को बीच में ही रोक दिया। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि जो हुआ वह ठीक नहीं था और अच्छा हुआ कि वे समय रहते गठबंधन से अलग हो गए।

बैठक में सियासी रणनीति पर मंथन Congress CWC Meeting का यह अंदरूनी वाकया ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी रणनीतियों को लेकर पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रही है। इस घटना ने पार्टी के भीतर पुराने समीकरणों को लेकर जारी आंतरिक बहसों को उजागर कर दिया है।

“Jimmy Tata Appointed HDFC Bank ED: जानिए नए एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर जिमी टाटा का करियर, एजुकेशन और सैलरी डिटेल”

देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी में हाल ही में कौन सी बड़ी शीर्ष स्तरीय नियुक्ति हुई है? Jimmy Tata HDFC Bank के नए एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Executive Director) और होल-टाइम डायरेक्टर के रूप में अगले तीन वर्षों के लिए नियुक्त किए गए हैं। बैंक बोर्ड द्वारा ली गई इस महत्वपूर्ण मंजूरी के बाद अब यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास भेजा गया है।

35 से अधिक वर्षों का शानदार अनुभव रखने वाले जिमी टाटा की शैक्षणिक योग्यताएं क्या हैं? बैंकिंग और वित्तीय मामलों के माहिर जिमी टाटा ने जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (JBIMS), मुंबई से मास्टर ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट (MFM) की डिग्री हासिल की है। Jimmy Tata HDFC Bank में शामिल होने से पहले उन्होंने ICFAI हैदराबाद से चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट (CFA) का प्रतिष्ठित सर्टिफिकेशन भी पूरा किया था।

वर्ष 1994 से एचडीएफसी बैंक से जुड़े जिमी टाटा का अब तक का व्यावसायिक करियर कैसा रहा है? अपने करियर की शुरुआत 1987 में करने के बाद वे 1994 में एचडीएफसी बैंक के कॉर्पोरेट बैंकिंग विभाग में रिलेशनशिप मैनेजर के रूप में शामिल हुए थे। Jimmy Tata HDFC Bank में मुख्य जोखिम अधिकारी (CRO) का पद संभालने के बाद वर्तमान में चीफ क्रेडिट ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और बैंक के पोर्टफोलियो जोखिम प्रबंधन में उनकी भूमिका बेहद अहम रही है।

“बिहार में शराबबंदी लागू कराने वाले पूर्व मंत्री अब्दुल जलील मस्तान नहीं रहे, दिल्ली एम्स में ली अंतिम सांस”

सीमांचल की राजनीति के किस कद्दावर चेहरे और बिहार के पूर्व मंत्री का दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हो गया? Abdul Jalil Mastan Passes Away की दुखद खबर सामने आते ही पूर्णिया और अमौर सहित पूरे सीमांचल क्षेत्र के समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है। दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) अस्पताल में गंभीर बीमारी के इलाज के दौरान उन्होंने अपनी अंतिम सांसें लीं।

बिहार में ऐतिहासिक पूर्ण शराबबंदी कानून को लागू कराने में उनकी क्या ऐतिहासिक भूमिका रही थी? अमौर विधानसभा सीट से 6 बार विधायक रहे कांग्रेस नेता अब्दुल जलील मस्तान 2015 की महागठबंधन सरकार में उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री रहे थे। Abdul Jalil Mastan Passes Away के बाद समर्थकों ने याद किया कि वर्ष 2016 में जब बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू हुआ था, तब इसकी पूरी प्रशासनिक जिम्मेदारी उनके ही विभाग पर थी।

उनके निधन के बाद सीमांचल की राजनीति और परिजनों की ओर से क्या प्रतिक्रियाएं आ रही हैं? एम्स में अंतिम सांस लेने के बाद अब उनके पार्थिव शरीर को गृह क्षेत्र पूर्णिया लाने की तैयारी पूरी मुस्तैदी से की जा रही है। Abdul Jalil Mastan Passes Away की इस दुखद घटना को बिहार और सीमांचल की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति मानते हुए सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

“भारत-इजरायल दोस्ती की नई मिसाल: यहूदी नववर्ष पर राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने की शांति और समृद्धि की कामना”

यहूदी नववर्ष ‘रोश हशनाह’ के पावन अवसर पर भारत के शीर्ष नेतृत्व ने इजरायल को कौन सा खास संदेश भेजा है? PM Modi Rosh Hashanah Greetings के जरिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और दुनिया भर के यहूदी समुदाय को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। इस विशेष अवसर पर दोनों नेताओं ने वैश्विक शांति, समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य की कामना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इजरायली नेताओं को किस अंदाज में बधाई दी? प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में हिब्रू और अंग्रेजी भाषा में ‘शाना तोवा’ (Shana Tova) कहते हुए इजरायल के साथ भारत की मजबूत कूटनीतिक आत्मीयता को दर्शाया। PM Modi Rosh Hashanah Greetings में पीएम मोदी ने कहा कि नया साल सभी के लिए शांति, उम्मीद, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर प्रगति लेकर आए।

भारतीय विदेश मंत्रालय और शीर्ष नेताओं के इस संदेश के पीछे की रणनीतिक अहमियत क्या है? राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि यह नया साल सभी के जीवन में शांति और आशा की नई किरण लेकर आएगा, वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इजरायली विदेश मंत्री को शुभकामनाएं दीं। PM Modi Rosh Hashanah Greetings भारत और इजरायल के बीच गहरे होते रणनीतिक संबंधों और दोनों देशों की सांस्कृतिक व सभ्यतागत साझेदारी की मिसाल पेश करता है।

Karnataka Vande Mataram Order: राज्य सरकार का बड़ा फरमान, सरकारी कार्यक्रमों में गाए जाएंगे ‘वंदे मातरम’ के केवल दो पद

Karnataka Vande Mataram नियम को लेकर राज्य सरकार ने एक बेहद चौंकाने वाला नया फरमान जारी कर दिया है। प्रशासन के इस अचानक आए फैसले से पूरे राजनीतिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। राज्य में आयोजित होने वाले सभी शासकीय और आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए अब नए निर्देश लागू कर दिए गए हैं।

कर्नाटक सरकार का नया फरमान Karnataka Vande Mataram के गायन को राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों और आधिकारिक समारोहों में अनिवार्य तो बनाया गया है, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ी शर्त जोड़ दी गई है। जारी किए गए नए सरकारी आदेश के मुताबिक अब राज्य सरकार के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल दो पद ही गाए जाएंगे।

केंद्र और राज्य के नियमों में अंतर Karnataka Vande Mataram से जुड़े इस नए सरकारी आदेश में यह भी साफ किया गया है कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल या केंद्र सरकार के प्रतिनिधित्व वाले कार्यक्रमों में पूरे छह पद ही गाए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के संदर्भ में जारी यह आदेश 8 सितंबर को राज्यपाल के नाम से स्वीकृत किया गया है।

1937 का ऐतिहासिक संदर्भ और प्रोटोकॉल Karnataka Vande Mataram के दो पदों को गाने के फैसले का संबंध कांग्रेस कार्य समिति के 1937 के उस पुराने प्रस्ताव से भी जुड़ता है जिसमें पहले दो श्लोक गाने का नियम था। कर्नाटक सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से राजकीय समारोहों में एकरूपता, सम्मान और प्रोटोकॉल बनाए रखने में मदद मिलेगी।

2 दशक के इंतजार के बाद आज पूरी तरह ऑपरेशनल होगा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर

Dedicated Freight Corridor देश को समर्पित होकर आज से पूरी तरह चालू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अंतिम तीन खंडों का उद्घाटन कर इस विशाल मालगाड़ी नेटवर्क को राष्ट्र के नाम किया।

दो दशक लंबे इंतजार का समापन सरकार द्वारा इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के लगभग बीस साल बाद पूर्वी, उत्तरी और पश्चिमी इलाकों को जोड़ने वाला यह विशेष फ्रेट रेल नेटवर्क आज पूर्ण रूप से संचालित हो चुका है।

2,843 किलोमीटर लंबा विशाल नेटवर्क आज जिन तीन नए सेक्शन का उद्घाटन किया गया है, उनमें न्यू सानंद-न्यू मकरपुरा, न्यू अंबरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-न्यू JNPT शामिल हैं। इन 326 किलोमीटर लंबे ट्रैक को बनाने में 20,700 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है।

बंदरगाहों से सीधा संपर्क और तेज लॉजिस्टिक्स Dedicated Freight Corridor अब मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट को उत्तर प्रदेश के दादरी से जोड़ता है। दादरी में यह पूर्वी कॉरिडोर से मिल जाता है, जिससे आयात-निर्यात माल की परिवहन गति दोगुनी हो जाएगी।

लाखों ट्रेनों का सफल संचालन Dedicated Freight Corridor के हिस्सों पर अगस्त तक करीब 5.2 लाख मालगाड़ियों का संचालन किया जा चुका है। रेलवे के अनुसार इस नेटवर्क से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और सामान्य रेल पटरियों पर भीड़भाड़ में भारी कमी आएगी।