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Kashi Akhara Nag Panchami: काशी के अखाड़ों में मुगदर का जलवा

नागपंचमी पर अखाड़ों में दिखा अनोखा उत्साह: Kashi Akhara Nag Panchami के पावन अवसर पर वाराणसी के तुलसी घाट स्थित ऐतिहासिक अखाड़े में कुश्ती और मल्लयुद्ध की अद्भुत परंपरा का भव्य नजारा देखने को मिला। सुबह से ही मिट्टी के इस प्राचीन अखाड़े में पहलवानों का जमावड़ा शुरू हो गया, जहां 8 वर्ष के बच्चों से लेकर 70 वर्ष के बुजुर्ग पहलवानों ने अपनी शारीरिक ताकत और दांव-पेच का प्रदर्शन किया।

विदेशी पहलवान ने भांजा भारी मुगदर: Kashi Akhara Nag Panchami के इस विशेष आयोजन में नीदरलैंड से आए पहलवान हर्बर्ट की मौजूदगी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। भारतीय कुश्ती और अखाड़ा संस्कृति में गहरी रुचि रखने वाले हर्बर्ट ने अखाड़े में उतरकर भारी मुगदर भांजा और शक्ति प्रदर्शन किया, जिससे प्राचीन पहलवानी कला का वैश्विक रूप सामने आया।

तुलसी घाट का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व: Kashi Akhara Nag Panchami पर तुलसी घाट अखाड़े में स्थापित पवनपुत्र हनुमान जी का पारंपरिक पूजन-अर्चन किया गया। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा स्थापित यह अखाड़ा भारत के सबसे प्राचीन अखाड़ों में गिना जाता है, जहां कुछ वर्ष पूर्व लड़कियों को प्रवेश दिया गया था और अब अंतरराष्ट्रीय पहलवान भी यहां प्रशिक्षण लेने आ रहे हैं।

2017 से भारतीय कुश्ती से जुड़े हर्बर्ट: Kashi Akhara Nag Panchami के मंच पर अपनी कला दिखाने वाले नीदरलैंड के हर्बर्ट वर्ष 2017 में पहली बार भारत आए थे। उन्होंने बताया कि वह नीदरलैंड में भी पहलवानों को भारतीय पारंपरिक मल्ल युद्ध और अभ्यास तकनीकों का प्रशिक्षण दे रहे हैं तथा इसे यूरोप में लोकप्रिय बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

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