नेपाल में बाढ़ से बचे तो बस का हो गया एक्सीडेंट, 5 दिन बाद घर पहुंचे 23 मजदूरों ने सुनाया गजब का किस्सा
नेपाल बाढ़ दुर्घटना के खौफनाक मंजर से बचकर निकले 23 मजदूरों की किस्मत ने रास्ते में ऐसा मोड़ लिया कि उनके परिजनों की सांसें अटक गईं।
मौत के मुंह से वापसी नेपाल के रसुवा स्थित अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर परियोजना में कार्यरत बर्दिया के 23 मजदूर भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ से बचकर 5 दिनों बाद किसी तरह अपने घर पहुंचे।
सुरंग में घुसा पानी कृष्ण प्रसाद चौधरी ने बताया कि बुधवार सुबह लगभग 9:30 बजे सुरंग की सफाई के दौरान वॉकी-टॉकी पर बाढ़ आने की चेतावनी मिलते ही वे जान बचाकर पहाड़ी की ढलान की ओर भागे।
गमबूट्स छोड़ बचाई जान मजदूर जगत राम चौधरी के अनुसार मलबे और कीचड़ वाले पानी के तेज बहाव में उनके गमबूट्स फंस गए थे, जिन्हें उतारकर वे संकरे रास्ते से बाहर निकलने में सफल रहे।
नेपाल बाढ़ दुर्घटना और बस हादसा आपदा से बचकर जब ये मजदूर बस से घर लौट रहे थे, तभी नवलपुर में उनकी बस एक ट्रक से टकरा गई जिसमें 19 मजदूर घायल हो गए।
परिजनों की गुहारनेपाल बाढ़ दुर्घटना के बाद बर्दिया के करीब 78 लोगों से अब भी कोई संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे स्थानीय लोग बेहद चिंतित हैं।

