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अश्लील वीडियो से ब्लैकमेलिंग, 4 गिरफ्तार; ₹1 करोड़ के लेनदेन का खुलासा

Mewat Sextortion Gang: अश्लील वीडियो से ब्लैकमेलिंग, दिल्ली पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा

Mewat Sextortion Gang: एक वीडियो कॉल, फिर गिरफ्तारी की धमकी और लाखों रुपये की ठगी। दिल्ली पुलिस ने मेवात क्षेत्र से कथित तौर पर संचालित साइबर ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य खुद को पुलिस अधिकारी और यूट्यूब प्रतिनिधि बताकर लोगों को डराते थे। इस मामले में एक पीड़ित से 14.63 लाख रुपये की ठगी का आरोप है।

Mewat Sextortion Gang: ऐसे शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल

व्हाट्सऐप पर भेजा अश्लील वीडियो। पुलिस के मुताबिक, गुरुद्वारे में सेवादार मंजीत सिंह के व्हाट्सऐप पर पहले अश्लील वीडियो भेजा गया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर गुरुग्राम पुलिस अधिकारी और यूट्यूब प्रतिनिधि बनकर फोन किए।

एफआईआर और गिरफ्तारी का डर। आरोपियों ने वीडियो देखने के मामले में कार्रवाई होने की बात कहकर पीड़ित को डराया। वीडियो को यूट्यूब और फेसबुक से हटवाने तथा एफआईआर से नाम निकलवाने के नाम पर रकम मांगी गई। पैसे नहीं देने पर गिरफ्तारी की धमकी दी गई।

14.63 लाख रुपये की कथित ठगी

सितंबर 2025 में ट्रांसफर हुई रकम। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित ने 11 सितंबर 2025 से 27 सितंबर 2025 के बीच अपने और अपने भांजे के बैंक खातों से कई बार में कुल 14.63 लाख रुपये आरोपियों के बताए खातों में भेजे।

साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत। रिश्तेदार से बातचीत के बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

100 से अधिक मोबाइल नंबरों की जांच

तकनीकी जांच से मिला सुराग। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने 100 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबरों और आईएमईआई की जांच की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आईपी लॉग के विश्लेषण से आरोपियों के तार राजस्थान के डीग जिले के कलतरिया गांव और आसपास के इलाकों से जुड़े मिले।

अलग-अलग बैंक खातों में भेजे रुपये। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। पुलिस के अनुसार, इन खातों से पैसे एटीएम, चेक और एनईएफटी के जरिए निकाले गए, ताकि खातों को फ्रीज किए जाने से बचाया जा सके।

फर्जी वीडियो कॉल से बनाते थे शिकार

पहले से रिकॉर्ड वीडियो का इस्तेमाल। जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर ‘फ्रेंड्स सर्च’ ऐप से अलग-अलग इलाकों के मोबाइल नंबर तलाशते थे। इसके बाद व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के दौरान दूसरे फोन पर पहले से रिकॉर्ड किया गया अश्लील वीडियो चलाया जाता था, जिससे सामने वाले को वास्तविक बातचीत का भ्रम होता था।

रिकॉर्डिंग के बाद ब्लैकमेलिंग। पुलिस के मुताबिक, कॉल रिकॉर्ड करने के बाद गिरोह के सदस्य पुलिस अधिकारी या यूट्यूब प्रतिनिधि बनकर संपर्क करते थे। वीडियो वायरल करने और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर पैसे वसूले जाते थे।

चार आरोपियों की गिरफ्तारी, एक करोड़ से अधिक के लेनदेन की जांच

गिरोह के सदस्यों की अलग-अलग भूमिका। पुलिस ने इमरान खान, समद खान, अंकित सैन और तसलीम राजा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में कुछ बैंक खातों और सिम कार्ड की व्यवस्था करते थे, जबकि कुछ खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया।

तीन मोबाइल और छह सिम कार्ड बरामद। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए हैं। जांच में इन खातों के संबंध विभिन्न राज्यों में दर्ज 15 अन्य साइबर शिकायतों से भी मिले हैं। संबंधित खातों में एक करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का पता चला है।

Mewat Sextortion Gang से बचने के लिए क्या करें?

अनजान वीडियो कॉल से सावधान रहें। किसी अनजान व्यक्ति की वीडियो कॉल पर निजी जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक या वीडियो से दूरी रखें।

धमकी मिलने पर पैसे न भेजें। यदि कोई खुद को पुलिस अधिकारी या सोशल मीडिया कंपनी का प्रतिनिधि बताकर गिरफ्तारी अथवा वीडियो वायरल करने की धमकी देता है, तो घबराकर भुगतान न करें। संबंधित विभाग से आधिकारिक माध्यम से संपर्क करें।

तुरंत साइबर अपराध की शिकायत करें। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें और आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

निष्कर्ष: दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई में कथित सेक्सटॉर्शन गिरोह के चार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। एक मामले में 14.63 लाख रुपये की ठगी और संबंधित बैंक खातों में एक करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन की जांच सामने आई है। पुलिस अब अन्य शिकायतों और नेटवर्क से जुड़े संभावित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

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